नीमच। जिले में वाहनों पर ब्लैक फिल्म लगाने, हेलमेट का उपयोग नहीं करने तथा यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई लगातार जारी रखी जाए। साथ ही हेलमेट उपयोग को बढ़ावा देने के लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान निरंतर चलाया जाए। यह निर्देश कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में परिवहन अधिकारी एवं यातायात थाना प्रभारी को दिए।
बैठक में पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल, जिला पंचायत सीईओ अमन वैष्णव, लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन यंत्री अमित नार्गेश, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश प्रसाद सहित अन्य जिला अधिकारी एवं समिति के सदस्य उपस्थित थे।
बैठक में जानकारी दी गई कि परिवहन विभाग एवं यातायात पुलिस द्वारा पीयूसी प्रमाण पत्रों की जांच करते हुए 148 वाहनों पर कार्रवाई कर 1 लाख 70 हजार रुपये का चालान किया गया। चार पहिया वाहनों पर ब्लैक फिल्म पाए जाने पर 82 चालान बनाकर 41 हजार रुपये का शमन शुल्क वसूल किया गया।
बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाते पाए जाने पर 1193 चालान कर 3 लाख 57 हजार 900 रुपये तथा सीट बेल्ट नहीं लगाने पर एक माह में 641 चालान बनाकर 3 लाख 25 हजार 500 रुपये का शमन शुल्क वसूल किया गया। नशे की हालत में वाहन चलाने पर 10 चालान कर 1 लाख रुपये का शमन शुल्क वसूला गया। नीमच-मनासा मार्ग पर अकारण सड़क पर खड़े पाए गए 5 वाहनों पर भी कार्रवाई कर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।
बैठक में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में बड़े संकेतक बोर्ड लगाने के निर्देश संबंधित सड़क निर्माण एजेंसियों को दिए गए। साथ ही बताया गया कि नीमच मंडी क्षेत्र में 425 ट्रैक्टर-ट्रालियों पर निरूशुल्क रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं, जबकि मनासा में 125 और जावद में 30 ट्रालियों पर रिफ्लेक्टर लगाए गए हैं।
सगराना घाटी क्षेत्र में गति सीमा, दुर्घटना संभावित क्षेत्र के संकेतक, ब्लिंकर, रेडियम पट्टी तथा स्पीड ब्रेकर पर मार्किंग करने के निर्देशों का पालन करते हुए संबंधित विभाग द्वारा कार्य पूर्ण कर लिया गया है।
बैठक में कलेक्टर ने सीएमओ नीमच को निर्देश दिए कि प्राइवेट बस स्टैंड पर सात दिवस के भीतर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही यात्री वाहन निर्धारित स्टैंड पर ही रुकें, बीच सड़क पर सवारी न उतारी जाए और न ही चढ़ाई जाए, यह सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने निर्माणाधीन सड़कों पर जंक्शन सुधार, हाईवे पर दुर्घटना संभावित स्थलों का सुधार, टूटे हुए डिवाइडर ठीक करने तथा गलत दिशा से गांवों में प्रवेश के लिए बनाए गए कट बंद कर वैकल्पिक व्यवस्था करने के निर्देश संबंधित विभागों को दिए। उन्होंने सभी सड़क निर्माण एजेंसियों को सात दिवस में अपनी सड़कों का निरीक्षण कर आवश्यक सुधार कार्य पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।