जावद। रासायनिक खेती के बढ़ते खर्च और कर्ज के बोझ से जूझ रहे किसानों के लिए नीमच जिले की जावद तहसील में 28 से 31 मार्च 2026 तक चार दिवसीय ‘राष्ट्रीय प्राकृतिक खेती शिविर’ आयोजित किया जा रहा है। इस शिविर में देशभर के किसान शामिल होंगे। आयोजन को लेकर प्रशासन पूरी तरह तैयार है और व्यापक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
इस पहल का नेतृत्व क्षेत्रीय विधायक ओमप्रकाश सखलेचा कर रहे हैं। आयोजन को भारतीय कृषि के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिसका उद्देश्य किसानों को आत्मनिर्भर बनाना और खेती को रसायन मुक्त करना है।
हेमंत खंडेलवाल करेंगे शुभारंभ-
शिविर का शुभारंभ भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल द्वारा किया जाएगा। उनके मुख्य आतिथ्य में कार्यक्रम का विधिवत आगाज होगा।
डॉ. सुभाष पालेकर देंगे प्रशिक्षण-
‘कृषि ऋषि’ पद्मश्री डॉ. सुभाष पालेकर शिविर में किसानों को ‘शून्य लागत प्राकृतिक खेती’ का प्रशिक्षण देंगे। वे बताएंगे कि एक देसी गाय के माध्यम से 10 से 15 एकड़ भूमि पर बिना रासायनिक खाद के खेती कैसे की जा सकती है। उनके इस मॉडल की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी सराहना कर चुके हैं।
किसानों के लिए निःशुल्क व्यवस्था-
शिविर में शामिल होने वाले किसानों के लिए आवास, भोजन और अन्य सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी, ताकि आर्थिक रूप से कमजोर किसान भी इसका लाभ ले सकें।
प्रशासन ने संभाला मोर्चा-
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों की भागीदारी को देखते हुए प्रशासन द्वारा सुरक्षा, आवास और अन्य व्यवस्थाओं को सुनिश्चित किया जा रहा है।
विधायक सखलेचा का आह्वान-
विधायक ओमप्रकाश सखलेचा ने क्षेत्र के किसानों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि यह आयोजन किसानों के लिए राष्ट्रीय स्तर का ज्ञान प्राप्त करने का सुनहरा अवसर है। आयोजन समिति का मानना है कि यह शिविर किसानों की लागत घटाने और आय बढ़ाने के साथ ही प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने में मील का पत्थर साबित होगा।