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March 27, 2026, 7:11 pm
KHABAR : जिले में प्रतिबंधित वन्यजीवों की अवैध बिक्री पर सख्त कार्रवाई के निर्देश, वन विभाग की अपील- संरक्षण में सहयोग करें, सूचना टोल-फ्री नंबर पर दें, पढ़े खबर

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मंदसौर। वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम-1972 के तहत प्रतिबंधित वन्यजीवों की अवैध बिक्री, खरीद-फरोख्त एवं पालन पर रोक लगाने के लिए वन विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।

फरवरी 2026 में स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स एवं वन विभाग की संयुक्त कार्रवाई में अनुसूची-1 प्रजाति के 313 जीवित कछुओं को जब्त किया गया। इस कार्रवाई में कई आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ एक संगठित गिरोह का भी खुलासा हुआ।

वन विभाग द्वारा जारी एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि अनुसूचीबद्ध वन्यजीवों का शिकार, व्यापार, परिवहन, कब्जा या पालन दंडनीय अपराध है। इसके बावजूद कुछ पेट शॉप और एक्वेरियम दुकानों में प्रतिबंधित कछुओं, पक्षियों एवं अन्य प्रजातियों की अवैध बिक्री की शिकायतें सामने आ रही हैं, जो पूरी तरह गैरकानूनी है।

विभाग ने दुकानदारों एवं पालतू पशु-पक्षी विक्रेताओं को निर्देश दिए हैं कि बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति CITES प्रजातियों का व्यापार न करें तथा संबंधित वैध दस्तावेज अपने पास सुरक्षित रखें। साथ ही सोशल मीडिया या ऑनलाइन माध्यमों से प्रतिबंधित प्रजातियों के प्रचार-प्रसार और बिक्री से दूर रहने को कहा गया है।

आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि वे प्रतिबंधित वन्यजीवों को न खरीदें और न ही उनका पालन करें। यदि ऐसी किसी गतिविधि की जानकारी मिले तो तत्काल वन विभाग, पुलिस या टोल-फ्री नंबर 0755-2524000 पर सूचना दें।

वन विभाग ने चेतावनी दी है कि निर्देशों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें 7 वर्ष तक का कारावास एवं जुर्माने का प्रावधान है।

अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) एल. कृष्णामूर्ति ने नागरिकों, पेट शॉप संचालकों एवं मीडिया से वन्यजीव संरक्षण एवं जैव विविधता की रक्षा में सहयोग की अपील की है।

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