आगर मालवा। जिले में गिरते भू-जल स्तर और संभावित पेयजल संकट को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी प्रीति यादव ने आगर-मालवा को जल अभावग्रस्त क्षेत्र घोषित किया है। यह आदेश मध्यप्रदेश पेयजल परिरक्षण अधिनियम 1986 (संशोधित) के तहत जारी किया गया है।
जारी आदेश के अनुसार पूरे जिले में निजी एवं अशासकीय नलकूप खनन पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। बिना संबंधित एसडीएम की अनुमति के कोई भी बोरिंग मशीन जिले में प्रवेश नहीं कर सकेगी और न ही नया नलकूप खोदा जा सकेगा।
अवैध खनन या आदेश के उल्लंघन की स्थिति में मशीन जब्त कर एफआईआर दर्ज की जाएगी। कार्रवाई के लिए राजस्व एवं पुलिस अधिकारियों को अधिकृत किया गया है। हालांकि, शासकीय योजनाओं के अंतर्गत होने वाले नलकूप उत्खनन इस प्रतिबंध से मुक्त रहेंगे।
आदेश 25 मार्च 2026 से 31 जुलाई 2026 तक प्रभावी रहेगा। आवश्यक मामलों में जांच के बाद अनुमति देने का अधिकार संबंधित एसडीएम को रहेगा।
दंड का प्रावधान-
उल्लंघन करने पर पहली बार 5,000 रुपए तक जुर्माना तथा पुनरावृत्ति पर 10,000 रुपए तक जुर्माना या दो वर्ष तक कारावास का प्रावधान है।