पोलायकलां। ग्राम खड़ी डोडिया में बिजली संकट ने शुक्रवार को बवाल का रूप ले लिया। पिछले दो दिनों से गांव का ट्रांसफार्मर बंद पड़ा था, जिससे पूरा गांव अंधेरे में डूबा रहा। परेशान ग्रामीणों ने भाजपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर गांव के बिजली ग्रिड के सामने टेंट लगाकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया।
शुक्रवार रात करीब 10 बजे तक चले इस प्रदर्शन में ग्रामीणों ने प्रशासन, सरकार, विधायक और सांसद के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मौके पर पहुंची प्रभारी तहसीलदार अंकिता पाटकर ने उच्च अधिकारियों तक बात पहुंचाने का आश्वासन दिया, लेकिन इससे ग्रामीण संतुष्ट नहीं हुए।
धरने के दौरान पहुंचे कार्यपालिक मजिस्ट्रेट प्रदीप केन पर भी ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। आरोप है कि वे धरना स्थल तक जाने को तैयार नहीं थे और उन्होंने बिजली बिल जमा करने की बात कही, जिससे ग्रामीणों का गुस्सा और बढ़ गया।
ग्रामीणों का कहना था कि एक तरफ मंडियों में छुट्टियां चल रही हैं और फसलों के दाम गिर चुके हैं, किसान अपनी उपज बेच नहीं पा रहे हैं। ऐसे में बिजली बिल जमा करने का दबाव बनाना अनुचित है। उन्होंने साफ कहा कि “जब फसल के उचित दाम नहीं मिल रहे, तो बिल कैसे भरें?”
ग्रामीणों ने चेतावनी दी थी कि जब तक बिजली सप्लाई बहाल नहीं होगी और उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा। आखिरकार रात करीब 10 बजे बिजली सप्लाई शुरू होने के बाद ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया। इस दौरान बिजली ग्रिड पर बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात रहा।