देवास। अपर कलेक्टर देवास संजीव जैन ने बताया कि किसानों को नरवाई नहीं जलाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। जिसके फलस्वरुप किसान जागरूक हो रहे हैं एवं पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष नरवाई जलने की घटनाओं में कमी आई है। उन्होंने बताया कि जो भी घटनाएँ नरवाई जलाने की बताई जा रही हैं, उनमें से अधिकांश घटनाएँ वन क्षेत्र में लगी प्राकृतिक आग से सम्बन्धित हैं। जिसमें से विगत पांच दिनों में 120 घटनाएं दर्ज हुई है।
अपर कलेक्टर जैन ने बताया कि जिला प्रशासन द्वारा नरवाई जलाने की किसी भी घटना पर सख्ती से कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया कि अभी तक 79 नरवाई जलाने के मामलों पर कार्रवाई की जा चुकी है। साथ ही किसानों को नरवाई नहीं जलाने के लिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। प्रशासन द्वारा गाँव-गाँव में जाकर किसानों को नरवाई प्रबंधन के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी दी जा रही है । नरवाई प्रबंधन यंत्रों (जैसे हैपी सीडर, स्ट्रॉ रीपर, मल्चर आदि) की उपलब्धता, सब्सिडी तथा उपयोग की विधि के बारे में विस्तार से बताया जा रहा है। जिला प्रशासन का संदेशरू “नरवाई जलाना पर्यावरण के लिए हानिकारक है तथा वायु प्रदूषण बढ़ाता है साथ ही मृदा की उर्वरक क्षमता भी कम करता है। हम किसानों से अपील करते हैं कि वे नरवाई प्रबंधन यंत्रों का उपयोग करें तथा जिला प्रशासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का लाभ लें।”