उज्जैन। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष पद को लेकर निरंजनी अखाड़े के रविंद्र पुरी महाराज ने अध्यक्ष पद को लेकर बड़ी बात कही है। उन्होंने दावा किया कि अखाड़ा परिषद अध्यक्ष के चुनाव प्रयागराज कुंभ के बाद ही होंगे। महानिर्वाणी के रविंद्र पुरी महाराज के अध्यक्ष के दावेदारी पर उन्होंने तंज कसा और कहा कि पद नहीं मिलने से मानसिकता कमजोर हो जाती है। उन्होंने आरोप लगाया की कुछ लोग कुंभ को खराब करना चाहते हैं और ऐसा हम होने नहीं देंगे।
उज्जैन कुंभ से पहले अखाड़ा परिषद का चुनाव होने की संभावना है। इस बात की पुष्टि खुद अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी महाराज ने उज्जैन में की है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज कुंभ 2031 के बाद चुनाव कराएं जाएंगे। दरअसल नासिक कुंभ के बाद ही उज्जैन में 2028 कुंभ का आयोजन होगा और अब रविंद्र पुरी के बयान से नजर आ रह है कि उज्जैन कुंभ से पहले अखाड़ा परिषद के चुनाव हो सकते हैं।
नगर पूजा के लिए उज्जैन पहुंचे निरंजनी अखाड़े के रविंद्र पुरी महाराज ने कन्या भोज के बाद शुक्रवार शाम को मीडिया से बात करते हुए कहा था कि नगर पूजा में हमने माता जी से प्रार्थना की है कि कुंभ में कोई बाधा न पहुंचे।
मानसिक कमजोर बताया
रविंद्र पुरी महाराज से जब ये सवाल किया गया कि दो अध्यक्ष को लेकर आप क्या कहेंगे तो उन्होंने ने बताया कि प्रयागराज कुंभ से लोग हमें जानते हैं। नासिक में भंडारे के नाम पर अध्यक्ष बन गए। उनमें हमारे संत भी मौजूद थे। हालांकि जब कोई पद नहीं मिल पाता तो मानसिकता कमजोर हो जाते हैं।