खरगोन। जिले के कसरावद के ग्राम भीलगांव में 16 मार्च को दिलीप सिंह राठौर के घर पर हुई सनसनीखेज फायरिंग और 10 करोड़ रुपये की फिरौती के मामले में स्थानीय लोगों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। घटना के कई दिन बीत जाने के बाद भी मुख्य साजिशकर्ता मास्टरमाइंड के पुलिस की गिरफ्त से बाहर होने से ग्रामीणों में गहरा असंतोष है। 16 मार्च को अज्ञात हमलावरों ने दिलीप सिंह राठौर के आवास पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी थी। आरोप है कि हमलावरों ने 10 करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की थी। इस घटना के बाद से ही क्षेत्र के निवासियों में डर का माहौल है और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप, पकड़े गए लोग सिर्फ मोहरे
मामले में पुलिस की कार्रवाई पर भरोसा कर ग्रामीणों ने प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा है। ग्रामीणों का स्पष्ट आरोप है कि पुलिस ने अब तक जिन लोगों को गिरफ्तार किया है। वे केवल छोटे श्मोहरे हैं। घटना के पीछे का असल मास्टरमाइंड अभी भी कानून की पकड़ से बाहर है।
प्रशासन से सुरक्षा और त्वरित कार्रवाई की मांग
ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और पुलिस विभाग से निम्नलिखित मांगे रखी हैं। मुख्य साजिशकर्ता की गिरफ्तारीरू मामले के मास्टरमाइंड को तुरंत ट्रेस कर गिरफ्तार किया जाए। दहशत का खात्मा। क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बहाल करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। निष्पक्ष जांच। पूरे मामले की गहनता से जांच की जाए ताकि पर्दे के पीछे के असली चेहरों को बेनकाब किया जा सके।
क्राइम अपडेटरू पुलिस का कहना है कि वे मामले की जांच कर रहे हैं और जल्द ही बाकी आरोपियों तक पहुँचने का दावा कर रहे हैं। हालांकि, ग्रामीणों का बढ़ता विरोध पुलिस के लिए अब एक बड़ी चुनौती बन चुका है।