रामपुरा। रोज़ी-रोटी की तलाश में घर से दूर आए एक युवा मजदूर की ज़िंदगी एक पल में खत्म हो गई। खिमला पावर प्लांट में कार्य के दौरान हुई एक दर्दनाक दुर्घटना ने न सिर्फ एक परिवार का सहारा छीन लिया, बल्कि श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
छह मंजिला ऊंचाई पर दीवार पर प्लेट ठीक करने चढ़ा था एहसान-
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खिमला स्थित पावर प्लांट में एलएनटी कंपनी में कार्यरत 25 वर्षीय एहसान उल हक (पिता राजीव), निवासी पश्चिम बंगाल, सुपरवाइजर के पद पर कार्य कर रहा था। बताया जा रहा है कि वह प्लांट में लगभग छह मंजिला ऊंचाई पर दीवार पर प्लेट ठीक करने के लिए चढ़ा था। इसी दौरान संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
घटनास्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे-
सूत्रों के अनुसार, यदि घटनास्थल पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम, जैसे नीचे जाली या अन्य सेफ्टी उपकरण होते तो इस हादसे को टाला जा सकता था। श्रमिकों का आरोप है कि प्लांट में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है और मजदूरों से 10 से 12 घंटे तक लगातार काम लिया जाता है, जिससे थकान और हादसों की आशंका बढ़ जाती है।
मजदूरों ने किया प्लांट परिसर में जमकर प्रदर्शन-
घटना के बाद शनिवार सुबह कंपनी के कर्मचारियों और मजदूरों में आक्रोश फैल गया। विरोध स्वरूप मजदूरों ने काम बंद कर दिया और प्लांट परिसर में जमकर प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही रामपुरा पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश देकर स्थिति को शांत कराया।
पूर्व में भी हो चुकी है कई घटनाएं-
श्रमिकों ने आरोप लगाया कि प्लांट में काम करने वाले मजदूरों का कोई संगठन नहीं है और श्रम विभाग द्वारा भी इस ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है। पूर्व में भी इस प्रकार की घटनाएं सामने आ चुकी हैं, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया। इस हादसे ने एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में श्रमिक सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।