देवास। जिला जेल में आयोजित “मेगा विधिक जागरूकता एवं आउटरीच शिविर” के आयोजन में कलेक्टर ऋतुराज सिंह एवं एसपी पुनीत गेहलोत भी शामिल हुए। जहा उन्होंने बंदियों से सीधे संवाद कर उन्हें सकारात्मक जीवन की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया।
कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने कहा कि विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित “बंदी-शिशु मिलाप” जैसी पहल बंदियों के जीवन में बदलाव की मजबूत नींव रखती है। जब बंदी अपने परिवार और बच्चों से जुड़ते हैं, तो उनके भीतर जिम्मेदारी और सुधार की भावना स्वतः जागृत होती है। उन्होंने बंदियों से आह्वान किया कि जेल से बाहर निकलने के बाद वे यहां मिली सीख को जीवन में उतारें और अपराध की राह छोड़कर नई शुरुआत करें।
एसपी पुनीत गेहलोत ने बंदियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि समय रहते सही निर्णय लिए होते, तो शायद उन्हें इस परिस्थिति का सामना नहीं करना पड़ता। उन्होंने बंदियों को संकल्प दिलाया कि वे भविष्य में अपराध से दूर रहेंगे और समाज की मुख्यधारा से जुड़कर सम्मानजनक जीवन जिएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल कानून व्यवस्था बनाए रखना नहीं, बल्कि समाज में सुधार और सकारात्मक परिवर्तन लाना भी है।
कार्यक्रम में प्रथम जिला न्यायाधीश अजय प्रकाश मिश्र, जेल अधीक्षक विद्याभूषण प्रसाद, उप जेल अधीक्षक अनिल दुबे, न्यायाधीशगण, प्रशासनिक अधिकारी एवं डॉक्टरों की टीम मौजूद रही।
यह आयोजन केवल कानून की जानकारी देने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बंदियों के दिलों में उम्मीद, सुधार और नई दिशा की लौ जलाने वाला एक प्रेरणादायक प्रयास साबित हुआ।