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March 29, 2026, 10:21 am
NEWS : मक्का उत्पादन बढ़ाने को लेकर किसानों को दिया प्रशिक्षण, अकोला-सावा में मक्का खेती के उन्नत तरीकों पर किसानों को मिला विशेषज्ञों का मार्गदर्शन, 115 अन्नदाताओं ने सीखे आधुनिक गुर, पढ़े रेखा खाबिया की खबर 

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चित्तौड़गढ़। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर), नई दिल्ली के अंतर्गत भारतीय मक्का अनुसंधान संस्थान (आईआईएमआर), लुधियाना द्वारा संचालित परियोजना “इथेनॉल उद्योगों के जलग्रहण क्षेत्रों में मक्का उत्पादन में वृद्धि” के तहत जिले के बड़वाई अकोला-सावा गांव में एक दिवसीय मक्का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में 115 से अधिक किसानों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

प्रशिक्षण के दौरान आईआईएमआर के यंग प्रोफेशनल शंकर लाल चौधरी ने बताया कि मक्का अब केवल खाद्य फसल नहीं रह गई है, बल्कि यह एक महत्वपूर्ण औद्योगिक फसल के रूप में उभर रही है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में देश में लगभग 10 से 12 मिलियन टन मक्का का उपयोग इथेनॉल उत्पादन में किया जा रहा है, जिसे भविष्य में बढ़ाने की आवश्यकता है।

उन्होंने किसानों को उन्नत मक्का उत्पादन तकनीकों, विशेष रूप से उर्वरक प्रबंधन एवं सिंचाई प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा बताया कि कटाई उपरांत प्रबंधन भी उत्पादकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है।

परियोजना प्रबंधक एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एस. एल. जाट ने कहा कि भारत सरकार की इथेनॉल नीति के चलते मक्का की मांग लगातार बढ़ रही है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2025-26 में देश का मक्का उत्पादन 50 मिलियन टन से अधिक होने का अनुमान है, जिसमें राजस्थान की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।

कार्यक्रम के अंत में किसानों ने मक्का उत्पादन से जुड़े विभिन्न विषयों पर अपने अनुभव साझा किए तथा विशेषज्ञों से समाधान प्राप्त किया।

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