रतलाम। मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के चिकलाना गांव में रावण वध की एक बहुत ही अनोखी और प्राचीन परंपरा है। जो बीते कई वर्षों से चली आ रही है चिकलाना में आदर्श मेला समिति द्वारा पारंपरिक रावण वध का आयोजन आस्था और उत्साह के बीच किया गया। भगवान श्री राम की शोभायात्रा पूरे गांव में निकाली। इसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण शामिल हुए और सांस्कृतिक परंपराओं का जीवंत प्रदर्शन देखने को मिला।
शुरुआत राम-रावण संवाद से हुई। इसके बाद पारंपरिक विधि से रावण वध किया। आमतौर पर रावण की नाभि में बाण मारकर उसका वध किया जाता है, लेकिन चिकलाना गांव में रावण के पुतले की नाभि की जगह भाले से नाक काटी जाती है।
इस अनोखी परंपरा की सबसे खास बात यह है कि इसमें हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदाय मिलकर भाग लेते हैं और बुराई पर अच्छाई की विजय का जश्न मनाते हैं।
इस दौरान गांव के वरिष्ठ दलेल सिंह चंद्रावत ने रावण की नाक काटकर सालों पुरानी अनूठी परंपरा का निर्वहन किया जो इस आयोजन की विशेष पहचान रही। आयोजन में भाजपा कार्यसमिति सदस्य केके सिंह कालूखेड़ा मुख्य रूप से उपस्थित रहे। मेला समिति अध्यक्ष रघुनाथ हरसोलिया, उपाध्यक्ष नरेंद्रसिंह चंद्रावत, सचिव भरतलाल मालवीय, कोषाध्यक्ष बाबू खान मंसूरी सहित पदाधिकारियों ने व्यवस्थाएं संभाली। सरपंच प्रतिनिधि गड्डू सिंह चंद्रावत, मेला संयोजक भेरूलाल पटेल, अमृतराम चौहान, जगदीशचंद्र यादव और नारायण सिंह चंद्रावत समेत कई वरिष्ठजन भी मौजूद रहे।
उपाध्यक्ष चंद्रावत ने बताया यह आयोजन वर्षों से गांव की पहचान बना हुआ है जिसमें सभी समुदाय मिलकर सहभागिता निभाते हैं। समिति में बाबू खान मंसूरी और जरदाद खान पठान सहित अन्य सदस्यों की भागीदारी ने साम्प्रदायिक सौहार्द का उदाहरण प्रस्तुत किया। कालूखेड़ा थाना प्रभारी शंकर सिंह चौहान, पटवारी विनोद शर्मा, पूर्व सरपंच महेश पटेल, भंवरलाल मालवीय और जनपद प्रतिनिधि देवीलाल धाकड़ सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी उपस्थित थे वही इस दौरान बड़ी संख्या में मातृशक्ति की उपस्थित रही।