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March 29, 2026, 2:31 pm
KHABAR : ग्वालियर में यति नरसिंहानंद बोले- गांधी समाज के लिए जहर, गोडसे ने हत्या नहीं वध किया, बीजेपी ने सावरकर के विचारों से दूरी बनाकर की गद्दारी, पढे़ खबर 

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ग्वालियर। जूना अखाड़ा डासना के पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी रविवार को ग्वालियर पहुंचे। यहां वे हिन्दू महासभा कार्यालय पहुंचे और पत्रकारों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने महात्मा गांधी को लेकर विवादित बयान देते हुए उन्हें समाज के लिए नुकसानदायक बताया और नाथूराम गोडसे द्वारा की गई हत्या को वध करार दिया।


नाथूराम गोडसे को बताया ‘बलिदानी’
पत्रकारों से बातचीत के दौरान यति नरसिंहानंद गिरी ने कहा कि उनके लिए यह सौभाग्य की बात है कि वे अपने सहयोगी जयवीर भारद्वाज के निमंत्रण पर गोडसे से जुड़े स्थल पर पहुंचे और वीर सावरकर की प्रतिमा को नमन किया। उन्होंने हिन्दू महासभा भवन आने को भी अपने लिए गौरवपूर्ण बताया।


उन्होंने कहा कि अगर हम सावरकर जी के सिद्धांतों पर नहीं चलेंगे तो सनातन धर्म बहुत जल्दी विनष्ट हो जाएगा। अमर बलिदानी पंडित नाथूराम गोडसे जी वह व्यक्ति थे जिन्होंने सावरकर के बताए हुए रास्ते पर चलकर जैसे हजारों बलिदानियों ने, हजारों क्रांतिकारीयों ने सावरकर जी की बातों को माना, उसी तरह वीर, वीर विनायक सावरकर जी की बात को अमर बलिदानी पंडित नाथूराम गोडसे जी ने भी माना और गांधी का वध किया।


महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी बोले- गांधी समाज के लिए जहर
महामंडलेश्वर ने कहा कि यह स्वतंत्र भारत का पहला अमूल्य बलिदान था, जो सनातन धर्म की रक्षा के लिए दिया गया। उनके अनुसार, नाथूराम गोडसे एक विचार पुंज हैं और यदि सनातन धर्म व हिंदू समाज उनका सही मूल्यांकन नहीं करेगा, उन्हें नहीं समझेगा, तो हिंदू समाज बहुत जल्दी विनष्ट हो जाएगा।


उन्होंने कहा कि गांधी समाज के लिए जहर हैं। उनके मुताबिक, गांधी और उनके जैसे नेता अपने लोगों को दूसरों के लिए धोखा देते हैं, जबकि नाथूराम गोडसे उस नस्तर की तरह हैं, जिससे उस कैंसर और जहर का इलाज किया जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि सनातन धर्मियों की ओर से अब तक नाथूराम गोडसे के साथ जो हुआ, उसके लिए वे उनसे क्षमा प्रार्थी हैं।

बीजेपी को कांग्रेस से भी ज्यादा जिम्मेदार बताया
पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर ने भाजपा की आलोचना करते हुए कहा कि वे भाजपा सरकार की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं, क्योंकि यहां हिंदू महासभा के कार्यकर्ताओं को नाथूराम गोडसे का मंदिर बनाने से रोका गया। उन्होंने कहा कि जहां कुछ लोग अपने जीवित नेताओं के मंदिर बना रहे हैं, वहीं सनातन धर्म के आजाद भारत में पहले और बड़े बलिदानी माने जाने वाले व्यक्ति का मंदिर बनाने से रोकना निंदनीय है।


उन्होंने कहा कि इस मामले में भाजपा सरकार दोषी है और उनके अनुसार भाजपा, कांग्रेस से भी ज्यादा जिम्मेदार है। उनका तर्क था कि कांग्रेस गांधीवादी विचारधारा से जुड़ी पार्टी है, लेकिन जनसंघ, भारतीय जनता पार्टी और आरएसएस खुद को सावरकर के विचारों से जुड़ा बताते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आरएसएस के संस्थापक हेडगेवार को सावरकर का अनुयायी माना जाता है और संगठन की स्थापना भी उन्हीं विचारों से प्रभावित बताई जाती है।


उन्होंने आरोप लगाया कि आज भाजपा ने सावरकर और गोडसे के विचारों से दूरी बनाकर उनके साथ ‘गद्दारी’ की है, जिसे उन्होंने अक्षम्य बताया।


हर घर में गोडसे की प्रतिमा होनी चाहिए
पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर आगे कहा कि, मैं इसकी निंदा करता हूं। क्या लगता है इसका मंदिर बनेगा? बनना चाहिए। हर सनातनी, हर जीवित हिंदू के घर में नाथूराम गोडसे जी की प्रतिमा होनी चाहिए। उनकी फोटो होनी चाहिए, उनकी तस्वीर होनी चाहिए। लेकिन सब कई बार तो विरोध हुआ है। देखिए, विरोध तो गद्दार करते ही हैं। गांधीवाद देश को बर्बाद करने का नाम है। गांधीवाद धर्म को बर्बाद करने का नाम है। गांधीवाद हिंदू समाज से विश्वासघात का नाम है। लेकिन गांधीवाद से नेताओं को खुलकर अय्याशी करने का मौका और अपनी अय्याशी को छुपाने का मौका मिलता है।

वीर सावरकर जी और नाथूराम गोडसे जी सनातन धर्म की सबसे प्रज्वलित अग्नि है। अगर आप उनके विचारों को अपनाएंगे तो आपको आत्मबलिदान देना पड़ेगा। जो लोग आत्मबलिदान देना नहीं चाहते, जो सुविधाओं को भोगना चाहते हैं वो वीर विनायक दामोदर सावरकर जी के और नाथूराम गोडसे जी के कट्टर विरोधी हैं, तो वो तो विरोध करेंगे। उनका विरोध इंपोर्टेंट नहीं है। जरूरी यह है कि उनके विचारों के मानने वालों ने क्या किया और जो भी गोडसे जी का विरोध करते हैं वो सभी निंदनीय हैं। उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए।

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