मंदसौर। अफीम उत्पादक क्षेत्र नीमच, मंदसौर एवं चित्तौड़गढ़ में किसानों के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार “काला सोना” कही जाने वाली अफीम का सरकारी तौल शनिवार से शुरू हो गया है। तौल केंद्रों पर सुबह से ही किसानों की भारी भीड़ देखी जा रही है। प्रशासन द्वारा सख्त सुरक्षा व्यवस्था के बीच पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सुचारू रूप से संपन्न कराया जा रहा है। जानकारी के अनुसार मंदसौर क्षेत्र में 6460 से अधिक किसान अपनी अफीम सरकार को सौंपेंगे। तौल प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगी।
पहले चरण में नियमित पट्टेधारी किसानों का तौल-
आपकों बता दें कि पहले चरण में नियमित पट्टेधारी किसानों की अफीम का तौल किया जा रहा है, जिसके बाद सीपीएस श्रेणी के किसानों का तौल शुरू किया जाएगा। इस प्रक्रिया के लिए किसानों को गांववार एवं निर्धारित चार्ट के अनुसार केंद्रों पर बुलाया जा रहा है।
पहले दिन 361 किसानों का तोल-
जानकारी के अनुसार मंदसौर जिले में पहले दिन लगभग 361 किसानों को तौल केंद्र पर बुलाया गया, जिनमें से बड़ी संख्या में किसानों ने अपनी अफीम का तौल कराया। किसान अपने गांव के मुखिया के साथ केंद्रों तक पहुंचे। तौल केंद्र पर पहले अफीम के नमूने लिए गए और नारकोटिक्स विभाग की टीम द्वारा उनकी जांच की गई। इसके बाद विधिवत तौल प्रक्रिया पूरी की गई तथा अफीम की पैकिंग कर उसे आगे फैक्ट्री भेजने की तैयारी की गई। आज रविवार को भी बड़ी संख्या में किसान अफीम लेकर केंद्र पहुंचे। शाम तक लगभग 482 किसानों ने अफीम तुलवाई।
सुबह से रात तक चला तौल कार्य-
तौल प्रक्रिया की सूचना मिलने के बाद किसान शुक्रवार रात से ही केंद्रों पर अफीम लेकर पहुंचने लगे थे। शनिवार को शाम 5 बजे तक तौल कार्य लगातार जारी रहा। प्रथम खंड के अफीम अधिकारी बीएन कुमार ने बताया कि 28 मार्च से अफीम तौल प्रारंभ किया गया है और किसानों के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं। उन्होंने बताया कि पानी, छांव, बैठने की व्यवस्था सहित सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
कंटेनर फैक्ट्री के लिए रवाना, ऑनलाइन प्रक्रिया से होगा भुगतान
अफीम अधिकारी बीएन कुमार ने बताया कि तौल प्रक्रिया पूरी होने के बाद अफीम को कंटेनरों में भरकर नारकोटिक्स कार्यालय से अफीम फैक्ट्री नीमच के लिए रवाना किया गया। इसके साथ ही तौल मशीन एवं अन्य तकनीकी उपकरण पहले से ही मौके पर उपलब्ध कराए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार अफीम की गुणवत्ता और वजन ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है। इसके बाद किसानों के खातों में भुगतान सीधे ट्रांसफर किया जाएगा।
अगले चरण में दूसरे व तीसरे खंड का तौल-
पहले चरण के बाद अब दूसरे और तीसरे खंड में भी जल्द ही अफीम का तौल शुरू किया जाएगा। विभाग द्वारा प्रत्येक दिन गांववार सूची के अनुसार किसानों को बुलाया जाएगा। जानकारी के अनुसार जिले में हजारों किसान अफीम उत्पादन से जुड़े हुए हैं। मंदसौर एवं आसपास के क्षेत्रों में कुल हजारों पट्टेधारी किसान इस सरकारी प्रक्रिया में शामिल हैं।
अधिकारियों की मौजूदगी में सख्त निगरानी-
पूरी प्रक्रिया नारकोटिक्स विभाग एवं प्रशासनिक अधिकारियों की निगरानी में संपन्न की जा रही है। अफीम की सुरक्षा, गुणवत्ता जांच और रिकॉर्डिंग की सख्त व्यवस्था की गई है। जानकारी के अनुसार मंदसौर क्षेत्र में 6460 से अधिक किसान सरकार को अफीम सौंपेंगे। सूत्रों के अनुसार इस प्रक्रिया के बाद अफीम पॉलिसी में संभावित बदलावों पर भी विचार किया जा सकता है।