खरगोन। डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती (14 अप्रैल) के उपलक्ष्य में अनुसूचित जाति-जनजाति युवा छात्र संघ द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जयंती समारोह को भव्यखरगोन। डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती (14 अप्रैल) के उपलक्ष्य में अनुसूचित जाति-जनजाति युवा छात्र संघ द्वारा एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में जयंती समारोह को भव्य रूप से मनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 14 अप्रैल को भव्य रैली “स्वाभिमान यात्रा” टंट्या भील तिराहा, बीस्टान नाका से प्रारंभ होकर पीजी कॉलेज परिसर स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ संपन्न होगी। इसके बाद भारत माता सभागृह में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंतर्गत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विचार गोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें समाज के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के साथ युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रेरणादायक संबोधन दिए जाएंगे। विशेष रूप से आदिवासी सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे, जिनमें छात्र-छात्राएं पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य प्रस्तुत कर क्षेत्रीय संस्कृति की झलक पेश करेंगे।
सामाजिक कार्यकर्ता भागीरथ खतवासे ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहेब के विचार आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, संगठन और संघर्ष के मूल मंत्र को अपनाने तथा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
युवा छात्र संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में व्याप्त मानसिक गुलामी को समाप्त कर उनमें जागरूक और क्रांतिकारी विचारों का विकास करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम पूर्णतः सामाजिक रहेगा और इसमें किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि शामिल नहीं होगी। मंच के माध्यम से समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया जाएगा।
बैठक में अमन मकवाना, गजेंद्र सर, इंदौर सिंह सोलंकी, अनिल किराड़े, सत्यम मोयदे, विजय भलसे, बबलू निहाले, अजय, रामू, मनदीप सहित अन्य युवा उपस्थित रहे।
अमन मकवाना रूप से मनाने के लिए विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 14 अप्रैल को भव्य रैली “स्वाभिमान यात्रा” टंट्या भील तिराहा, बीस्टान नाका से प्रारंभ होकर पीजी कॉलेज परिसर स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ संपन्न होगी। इसके बाद भारत माता सभागृह में मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
कार्यक्रम के अंतर्गत सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और विचार गोष्ठी आयोजित की जाएगी, जिसमें समाज के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा के साथ युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से प्रेरणादायक संबोधन दिए जाएंगे। विशेष रूप से आदिवासी सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आकर्षण का केंद्र रहेंगे, जिनमें छात्र-छात्राएं पारंपरिक वेशभूषा में नृत्य प्रस्तुत कर क्षेत्रीय संस्कृति की झलक पेश करेंगे।
सामाजिक कार्यकर्ता भागीरथ खतवासे ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहेब के विचार आज भी समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने युवाओं से शिक्षा, संगठन और संघर्ष के मूल मंत्र को अपनाने तथा अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया।
युवा छात्र संघ के पदाधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं में व्याप्त मानसिक गुलामी को समाप्त कर उनमें जागरूक और क्रांतिकारी विचारों का विकास करना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम पूर्णतः सामाजिक रहेगा और इसमें किसी भी प्रकार की राजनीतिक गतिविधि शामिल नहीं होगी। मंच के माध्यम से समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाया जाएगा।
बैठक में अमन मकवाना, गजेंद्र सर, इंदौर सिंह सोलंकी, अनिल किराड़े, सत्यम मोयदे, विजय भलसे, बबलू निहाले, अजय, रामू, मनदीप सहित अन्य युवा उपस्थित रहे।