सरवानिया महाराज। नो दिन से जारी चैत्र नवरात्रि का शनिवार गोधुलि वेला में दशहरे पर ज्वारें विसर्जन के साथ समापन हो गया। इस अवसर पर पारंपरिक तरीके से सरवरे माता कालका के पण्डाजी जगदीशचंद्र सालवी ने आने वाले जमाने को लेकर भविष्यवाणी की।
कालका माता के पण्डाजी ने सभी श्रद्धालुओं की मौजूदगी में कहा कि दो जेठ मास है जिनमें से पिछले जेठ मास में ज़ोरदार दोंगड़ा (बारिश) होगा जिसमें ऐसा लगेगा कि बावण हो गई लेकिन संतोष रखना जल्दबाजी मत करना जो मन मारेगा वो जित में रहेगा। फसल सभी अच्छी होगी, लागता ही आषाढ़ (शुरुआती आषाढ़ मास)की सप्तमी और तैरस तिथि तक यहां वावण (बोवनी) हो जायेगी , तथा तैरस के बाद आस पास चौखरा में भी वावण ( बोवनी योग्य बारिश ) हो जायेगी। कोई भी कोना कौरा नहीं रहेगा। सावन मास में कम ज्यादा कम ज्यादा रुक रुक कर बारिश होने के आसार हैं उतरता सावन और भादवा मास में पानी की पूर्ति हो जायेगी। जमाना बढ़िया होगा। पानी कही कम कहीं ज्यादा गिरेगा पर यंहा जमाना बढ़िया होगा।
कार्तिक मास में बिमारी महामारी जैसे फेलेगी पहले जैसी वर्ष (2020/2021 कोविड ) जैसी स्थिति बन जायें तो घबराना मत, गांव के चारों कोनों में पुजा करें , शुरुआती कार्तिक मास की तेरस को नगर कोट राजा घास भैरव के अभिषेक हवन करें तथा इसके बाद आने वाले पहले मंगलवार को गांव के चारों तरफ विराजमान वीर हनुमान मंदिर पर पुजा पाठ करें। इससे बिमारी का प्रकोप इस गांव और चोखरा में कम होगा। धान और फ़सल लाल सफेद अधिक होगा। नई लहसुन बोवनी को लेकर माता के पण्डाजी ने कहा कि जो पहले बोयगा वो जीत में रहेगा। वर्तमान में निकली हुई लहसुन के भावों को लेकर कहा कि उपज अच्छे भावों में बिकेगी।
मंदिर से निकले देवी देवता
नो दिन शक्ति की भक्ति के बाद ज्वारें विसर्जन के लिए पंरपरा अनुसार अपने अपने धाम से देवी देवता सरवरे (सरोवर तलाई) के लिए अपने अपने नेजे ( निशान) के साथ ढोल नगाड़ों के साथ शहर के मार्गाे से निकलकर नीमच सिंगोली रोड़ स्थित गमू तलाई सरोवर पहुंचते हैं जंहा मां कालका के पण्डाजी द्वारा भविष्यवाणी की जाती है जिसके आसरे किसान व्यापारी आने वाले जमाने में नफा नुकसान तथा फसल बोवनी और कम ज्यादा पानी तथा जमाने का अंदाजा लगाते हैं।
आकर्षण का केंद्र रहा खाकर देव का निशान
शहर के प्रसिद्ध खाकर देव मंदिर के नाग देवता के निशान की इस बार खुब चर्चा रही। मंदिर समिति ने नाग देवता को केंन्द्रीत निशान बनवाया जो इस बार ज्वारे विसर्जन के दौरान देवी देवताओं के चल समारोह में आकर्षण का केंद्र रहा।
न.प अध्यक्ष जैन को मां कालका ने बुलाकर दिया आगे बढ़ने का आर्शीवाद
माता कालका के पण्डाजी जगदीश सालवी ने ज्वारे विसर्जन के पश्चात वापस धाम को लोटते समय नगर कोट राजा घास भैरव के स्थान पर उपस्थित श्रद्धालुओं के समक्ष नगर परिषद अध्यक्ष रूपेंद्र सिंह जैन को बुलाकर खुब तरक्की करने और आगे बढ़ने का आर्शीवाद देते हुए प्रशंसा की।
माता कालका ने कहा कि, कहां है इस नगर का मुखिया, भाई यंहा आया होतो बुलावों, माता के बुलावे पर नगर परिषद अध्यक्ष रुपेन्द्र सिंह जैन ने मां कालका के चरणों में वंदन किया। माता कालका के पण्डाजी ने कहा कि अणकी भुमिका में जो मारा यज्ञ हवन का काम हुआ धुप धुवाड़ा हुआ जणकी बदौलत आज यो है, अणीज प्रकार ती रेगा तो और आगे जायेगा, अबे अणकी भुमिका में अणके क्षेत्र में जो काम वेगा जो काम चारभुजा मंदिर पर किया था वैसा ही अणकी भुमिका में वेगा जणको मूहर्त निकाला हुआ है उसमें उसी समय उसी दिन एक त्रीशूल की स्थापना वेगा या करेगा तो अणकी आवावारी सात पिढ़ीया याद करेगा नाम वेगा।
गौरतलब है कि माता कालका के अभी तक जितने भी यज्ञ हवन और कथा आयोजन हुए वो सभी (एकाध को छोड़कर) समता स्कूल विद्यालय की जमीन पर हुवे। संस्कार सर्जन शिक्षण समिति के अध्यक्ष हिम्मत सिंह जैन ने हर बार स्कूल की भूमि माता कालका के आयोजन के लिए उपलब्ध कराई और अब फिर एक बार और समता स्कूल की भूमि पर एक कुण्डिय यज्ञ हवन और कथा का आयोजन सेना से सेवानिवृत्त सुबेदार कुशल सिंह राणावत के नेतृत्व मे माता कालका के आर्शीवाद से होने जा रहा है।