मनासा। सामिया धाम बालाजी मंदिर पर आयोजित तीन दिवसीय मेले का समापन हास्य और व्यंग्य से भरपूर भव्य कवि सम्मेलन के साथ हुआ। 2 अप्रैल को मेले का शुभारंभ, 3 अप्रैल को भजन संध्या तथा 4 अप्रैल को कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया।
कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए कवियों ने अपनी प्रस्तुतियों से श्रोताओं को देर रात तक हंसने पर मजबूर कर दिया। तालियों की गड़गड़ाहट से पूरा पांडाल गूंज उठा। कवियों की रचनाओं में “शहर से गांव” की थीम प्रमुख रूप से देखने को मिली, जिसने ग्रामीण संस्कृति को नई ऊर्जा प्रदान की।
कार्यक्रम में अमित चितवन (ग्वालियर), शिव शैलेन्द्र यादव (धार), शेखर आजाद (धरियावद), तेजपाल तेजा (बड़नगर), निशा उज्जैनी (उज्जैन), सुरेश सरपट (जावरा), रवि सरल सबरस (भावगढ़) एवं गोपाल कावलिया (बदनावर) ने हास्य, व्यंग्य, श्रृंगार और ओजस्वी काव्य पाठ से समां बांधा।
मंच संचालन हरिश हंगामा (नयागांव) ने अपने अनोखे अंदाज में किया। आयोजन मेला समिति एवं ग्रामीणों के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सुव्यवस्थित रूप से कुकड़ेश्वर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आयोजित किया गया। ग्रामीणों ने देर रात तक कार्यक्रम का आनंद लिया और कलाकारों की प्रस्तुतियों की सराहना की। यह आयोजन क्षेत्र में सांस्कृतिक एकता और उत्साह का प्रतीक बनकर उभरा।