सरवानिया महाराज। निर्माणाधीन नीमच-सिंगोली मेघा हाईवे को आबादी वाले गांवों के बाहर से निकालने की मांग उठी है। सामाजिक कार्यकर्ता प्रकाशचंद्र नागौरी ने इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक ओमप्रकाश सखलेचा को पत्र लिखकर बायपास निर्माण की मांग की है।
नागौरी ने पत्र में बताया कि प्रस्तावित सड़क मार्ग सरवानिया महाराज, मोरवन, दड़ौली, डीकेन और रतनगढ़ जैसे घनी आबादी वाले गांवों के बीच से गुजर रहा है। ऐसे में सड़क चौड़ीकरण के दौरान बड़ी संख्या में मकान व निर्माण कार्य प्रभावित होंगे, जिससे आमजन को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
उन्होंने कहा कि यह मार्ग ऊंचाई पर बनने से पुराने मकान नीचे रह जाएंगे और आवागमन में भी परेशानी होगी। साथ ही गांवों में स्कूल, बैंक व शासकीय कार्यालय सड़क के दोनों ओर होने से लोगों के लिए आवागमन जोखिमपूर्ण हो सकता है। सामाजिक व धार्मिक आयोजनों के दौरान जुलूस निकलने से यातायात भी बाधित होगा।
नागौरी ने बताया कि वर्तमान में भी इन गांवों में वाहन धीमी गति से गुजरते हैं और छोटी-छोटी बातों पर विवाद की स्थिति बन जाती है। ऐसे में हाईवे बनने के बाद दुर्घटनाओं की आशंका और बढ़ जाएगी।
उन्होंने विधायक सखलेचा से मांग की है कि जनहित को ध्यान में रखते हुए इन गांवों के बाहर से बायपास मार्ग का निर्माण कराया जाए, ताकि ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके और सड़क का मूल उद्देश्यकृसुगम, सुरक्षित एवं निर्बाध आवागमनकृभी पूरा हो सके।