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April 6, 2026, 6:59 pm
BIG NEWS : नीमच में फिर गरमाया अफीम किसानों का मुद्दा, काश्तकारों के हक में नारकोटिक्स दफ्तर पहुंची कांग्रेस, तौल प्रक्रिया में पारदर्शिता और अफीम नीति में बदलाव की उठाई मांग, पढ़े खबर

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नीमच। जिले में अफीम तौल प्रक्रिया के दौरान लागू की गई नई STD/WM प्रणाली को लेकर किसानों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर सोमवार को जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती के नेतृत्व में कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने नारकोटिक्स उपायुक्त निखिल कुमार गांधी से मुलाकात कर किसानों की समस्याएं उठाईं और ज्ञापन सौंपकर त्वरित समाधान की मांग की।

प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि बिना पूर्व सूचना के लागू की गई इस नई तौल प्रणाली से किसानों में भ्रम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। किसानों को यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि उनकी अफीम किस गुणवत्ता श्रेणी में दर्ज हो रही है, तौल के दौरान कटौती किस आधार पर की जा रही है और उन्हें वास्तविक लाभ या हानि कितनी हो रही है। तौल केंद्रों पर मौजूद अधिकारी भी संतोषजनक जानकारी देने में असमर्थ हैं, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।

कांग्रेस नेताओं ने तौल प्रक्रिया में अपनाई जा रही ‘हाथ से जांच’ प्रणाली पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना है कि जब गुणवत्ता का अंतिम निर्धारण लैब में मशीनों के माध्यम से किया जाता है, तो तौल केंद्रों पर हाथ से जांच कर STD या WM घोषित करना अवैज्ञानिक है। उन्होंने मांग की कि या तो तौल के समय ही मशीन से जांच की व्यवस्था की जाए या फिर हाथ से जांच की प्रक्रिया तत्काल समाप्त की जाए।

ज्ञापन में अफीम नीति में मौजूद दोहरे मापदंडों को भी किसानों के साथ अन्याय बताया गया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि वर्तमान में भुगतान ‘गाढ़ता’ (कंसिस्टेंसी) के आधार पर किया जा रहा है, जबकि पट्टे की पात्रता ‘मार्फीन’ की मात्रा पर निर्भर करती है। इस विसंगति के कारण किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने मांग की कि दोनों मापदंडों में समानता लाई जाए तथा बेहतर मार्फीन वाली अफीम पर किसानों को प्रोत्साहन राशि या बोनस दिया जाए।

इसके अलावा प्रतिनिधिमंडल ने कई अन्य महत्वपूर्ण मांगें भी रखीं, जिनमें मॉर्फिन की मात्रा बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण शिविर आयोजित करना, पात्र किसानों की सूची को पट्टा वितरण से पहले ऑनलाइन सार्वजनिक करना, प्राकृतिक आपदाओं से फसल खराब होने पर स्पष्ट मुआवजा नीति बनाना तथा बढ़ती लागत को देखते हुए अफीम के सरकारी खरीद मूल्य में वृद्धि करना शामिल है।

कांग्रेस प्रतिनिधियों ने यह भी मांग की कि अफीम नीति निर्माण में किसानों की सीधी भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि नीति अधिक व्यावहारिक और प्रभावी बन सके। प्रतिनिधिमंडल ने नारकोटिक्स उपायुक्त से सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करते हुए उन्हें उच्च स्तर तक पहुंचाने और शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने का आग्रह किया।

इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती, पूर्व जिला अध्यक्ष अनिल चौरसिया, लक्ष्मीनारायण नागदा, मोहन सिंह जाट, देवीलाल पाटीदार, रामप्रताप जाट, मोहन विश्वकर्मा, यशवंत सोलंकी, मनीष गोस्वामी सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।

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