भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष (पीसीसी चीफ) जीतू पटवारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय जनता पार्टी (भारतीय जनता पार्टी) और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पर तीखा सियासी हमला बोला है।
कृषि आय और वादों पर निशाना
जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि शिवराज सिंह चौहान द्वारा मध्यप्रदेश में कृषि आय को “डबल” करने का दावा बार-बार किया गया, लेकिन यह जमीनी स्तर पर पूरा नहीं हुआ। उन्होंने यहां तक कहा कि संसद में कृषि आय को कई गुना बढ़ाने जैसी बातें भी कही गईं, जो उनके अनुसार वास्तविकता से दूर हैं।
किसानों की खरीद और मंडियों पर आरोप
पटवारी ने कहा कि प्रदेश के किसानों को मंडियों और खरीद व्यवस्था में परेशानियों का सामना करना पड़ा है। उनके अनुसार करीब 15 लाख क्विंटल गेहूं खुले में बिक गया, जिससे किसानों को नुकसान हुआ। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि खरीद प्रक्रिया में देरी हुई और इसका लाभ कथित तौर पर बीजेपी समर्थित व्यापारियों को मिला।
खाद, यूरिया और बारदाना संकट पर हमला
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि प्रदेश में यूरिया और बारदाना संकट जैसी समस्याएं सामने आईं, जिससे किसानों को कठिनाई हुई। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा की गई घोषणाओं और वास्तविक स्थिति में अंतर रहा।
वल्लभ भवन और भ्रष्टाचार के आरोप
पटवारी ने यह भी आरोप लगाया कि प्रदेश में ट्रांसफर-पोस्टिंग व्यवस्था में अनियमितताएं हैं और वल्लभ भवन (सचिवालय) में लेन-देन आधारित व्यवस्था चलने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था भ्रष्टाचार को बढ़ावा देती है।
गैस, DAP और अन्य मुद्दे
उन्होंने गैस, पेट्रोल और खाद (DAP) से जुड़े मुद्दों पर भी सरकार को घेरा और कहा कि जनता को वास्तविक स्थिति और सरकारी दावों में फर्क देखने को मिल रहा है।
मुरैना और इंदौर वंदे मातरम विवाद पर बयान
मुरैना और इंदौर में सामने आए ‘वंदे मातरम’ से जुड़े मामलों पर बोलते हुए पटवारी ने कहा कि राष्ट्रगीत के सम्मान पर कांग्रेस की स्थिति स्पष्ट है और किसी को भी इस पर प्रमाणपत्र देने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी स्तर पर पार्षद से जुड़े मामलों पर निर्णय लिया जाएगा और उसके बाद ही आधिकारिक जानकारी दी जाएगी।