जीरन। नगर परिषद जीरन के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल उस समय खुल गई जब एक आपातकालीन स्थिति में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर केंद्र से गायब मिले। मामला शनिवार शाम करीब 7 बजे का है, जब नगर परिषद पार्षद प्रभा लक्षकार के पति राजेश लक्षकार को अचानक घबराहट और सीने में दर्द की शिकायत हुई। परिजनों द्वारा तुरंत राजेश लक्षकार को उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जीरन लाया गया। वहां पहुँचने पर पता चला कि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक बिना किसी पूर्व सूचना या अवकाश के अस्पताल छोड़कर अपने घर चले गए थे। चिकित्सक की अनुपस्थिति के कारण मरीज को समय पर प्राथमिक उपचार मिलने में भारी कठिनाई का सामना करना पड़ा। मामले की जानकारी मिलते ही भाजपा दक्षिण मंडल के पूर्व अध्यक्ष लक्ष्मणसिंह भाटी और हरिओम माली अस्पताल पहुंचे। भाटी ने तत्काल मेडिकल ऑफिसर डॉ. कमलेश माली से फोन पर संपर्क किया। जब उन्हें मरीज की गंभीर स्थिति के बारे में बताया गया, तो डॉक्टर का जवाब अत्यंत गैर-जिम्मेदाराना रहा। उन्होंने कथित तौर पर कहा कि मुझे भी छुट्टी की जरूरत रहती है, मैं स्टाफ नर्स को बोल देता हूं, वो इलाज कर देंगी। डॉक्टर के इस व्यवहार और अस्पताल में अव्यवस्था को लेकर भाजपा नेता लक्ष्मणसिंह भाटी ने तत्काल बीएमओ डॉ. विजय भारती, सीएमएचओ डॉ. प्रसाद और तहसीलदार शत्रुघ्न चतुर्वेदी को अवगत कराया। और सख्त लहजे में कहा कि तत्काल लापरवाह डॉक्टर को बदले या व्यवस्था को सुधारे। मामले की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सा अधिकारियों ने व्यवस्था में सुधार करने और संबंधित डॉक्टर के विरुद्ध उचित कार्यवाही करने का आश्वासन दिया है।
पार्षद ने की लिखित शिकायत
इस पूरे घटनाक्रम के बाद पार्षद प्रभा राजेश लक्षकार ने बीएमओ के नाम एक औपचारिक शिकायत पत्र सौंपा है। पत्र के माध्यम से उन्होंने मांग की है कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जीरन में तत्काल 24 घंटे आपातकालीन चिकित्सक की नियुक्ति की जाए। मेडिकल ऑफिसर डॉ. कमलेश माली द्वारा बरती गई लापरवाही की जांच कर सख्त कदम उठाए जाएं। अस्पताल की व्यवस्था में सुधार हो ताकि भविष्य में किसी अन्य नागरिक को ऐसी जानलेवा स्थिति का सामना न करना पड़े। नगर के जनप्रतिनिधि के साथ हुई इस घटना ने जीरन अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। स्थानीय नागरिकों में इस बात को लेकर भारी रोष है कि यदि एक पार्षद के परिजनों को इलाज के लिए इस तरह भटकना पड़ रहा है, तो आम जनता का क्या हाल होता होगा।
इनका कहना-
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में शनिवार को मेडिकल ऑफिसर की गैर मौजूदगी की जानकारी मिली है। इस संबंध में विभागीय कार्यवाही कर निर्देशित किया जाएगा कि भविष्य में इस तरह समस्या की पुनरावृत्ति न हो। वर्तमान जीरन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर महज एक ही चिकित्सक है, शासन स्तर पर चिकित्सकों की मांग की गई है।