चित्तौड़गढ़। कोतवाली चित्तौड़गढ़ थाना पुलिस ने शादी का झांसा देकर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए फर्जी दुल्हन सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों द्वारा पीड़ित से 2 लाख 40 हजार रुपये की ठगी की गई थी।
जिला पुलिस अधीक्षक मनीष त्रिपाठी ने बताया कि 14 अप्रैल 2026 को प्रार्थी हरिसिंह राजपूत, निवासी पलासिया थाना मनासा, जिला नीमच (मध्यप्रदेश) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके अविवाहित भाई सुरपालसिंह के विवाह के लिए व्हाट्सएप ग्रुपों पर बायोडेटा साझा किया गया था।
कुछ समय बाद रामलाल जाट नामक व्यक्ति ने संपर्क कर एक लड़की का रिश्ता कराने के बदले 2 लाख 40 हजार रुपये की मांग की, जिसे पीड़ित पक्ष ने स्वीकार कर लिया।
13 अप्रैल 2026 को तय कार्यक्रम के अनुसार दोनों पक्ष चित्तौड़गढ़ पहुंचे, जहां कलेक्ट्रेट परिसर में विवाह की लिखापढ़ी की गई। इसके बाद लड़की के पिता भैरूसिंह एवं अन्य व्यक्तियों ने 2 लाख 40 हजार रुपये प्राप्त किए।
शादी के बाद जब युवक लड़की को लेकर जोगणिया माता मंदिर दर्शन हेतु गया, तभी वह लड़की अपने एक परिचित युवक के साथ भागने लगी। इस पर परिजनों ने उसे पकड़ लिया, जिससे मौके पर हंगामा हो गया।
मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरिता सिंह के निर्देशन एवं डीएसपी बृजेश सिंह के सुपरविजन में त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस ने फर्जी दुल्हन शिल्पी कुमारी जाटव, उसके पति विशाल सुवालका एवं सुरेश सुवालका को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ठगी के 43,000 रुपये बरामद किए हैं। मामले में अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।
गिरफ्तार आरोपी-
- विशाल सुवालका, निवासी भीलवाड़ा
- सुरेश सुवालका, निवासी भीलवाड़ा
- शिल्पी कुमारी जाटव, निवासी भीलवाड़ा/उत्तरप्रदेश मूल
पुलिस टीम में थानाधिकारी तुलसीराम, एएसआई हरवीरसिंह, कांस्टेबल भूपेन्द्र सिंह, सुनील, प्रहलाद एवं महिला कांस्टेबल आशु शामिल रहे।