नीमच। नगर पालिका परिषद के साधारण सम्मेलन में बुधवार को नारी शक्ति वंदन अधिनियम को लेकर भाजपा और कांग्रेस पार्षदों के बीच तीखा टकराव देखने को मिला। बैठक के दौरान जमकर नारेबाजी और हंगामे के बीच अंततः निंदा प्रस्ताव पारित कर दिया गया।
सम्मेलन की शुरुआत से ही माहौल गरमाया रहा। दोनों दलों के पार्षद अपने-अपने पक्ष में आक्रामक नजर आए और पूरे समय शोर-शराबे की स्थिति बनी रही। बहस के दौरान डायस पर महिला पार्षदों के बीच खींचतान की स्थिति भी उत्पन्न हो गई।
भाजपा पार्षदों ने कांग्रेस पर महिलाओं के अधिकारों को दबाने का आरोप लगाया, जबकि कांग्रेस पार्षदों ने 2023 के प्रस्ताव का हवाला देते हुए 543 लोकसभा सीटों के आधार पर 33 प्रतिशत महिला आरक्षण लागू करने की मांग दोहराई। इस दौरान कांग्रेस पार्षद बैनर और तख्तियां लेकर पहुंचे, जिन पर शहर की जल समस्या और महिला आरक्षण से जुड़े नारे लिखे थे।
नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा ने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर भ्रम फैला रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन के बाद ही आरक्षण लागू किया जाना चाहिए, जैसा कि 2023 के प्रस्ताव में उल्लेखित है।
वहीं नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापत और कांग्रेस पार्षद कविता लोक्स ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस महिलाओं को अधिकार देने के पक्ष में है, जबकि भाजपा वर्तमान बिल के माध्यम से अप्रत्यक्ष रूप से राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। सम्मेलन के दौरान नवनियुक्त एल्डरमेन का स्वागत भी किया गया।