नीमच। किसानों की बदहाली, फसल खरीदी में अव्यवस्थाओं और समर्थन मूल्य की मांग को लेकर गुरुवार को मध्यप्रदेश की राजनीति सड़कों पर उतर आई। आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे पर खलघाट से मुरैना तक कांग्रेस के प्रदेशव्यापी चक्काजाम ने कई जिलों की रफ्तार थाम दी। हाईवे पर ट्रैक्टरों की कतारें लगी रहीं, हजारों वाहन घंटों जाम में फंसे रहे और कई जगह पुलिस व कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई। आंदोलन में नीमच-मंदसौर सहित प्रदेशभर से बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और किसान शामिल हुए। कांग्रेस ने इसे किसानों की लड़ाई बताया, जबकि भाजपा ने इसे राजनीतिक नौटंकी करार दिया।
सुबह से ही हाईवे पर उतरे कांग्रेसी, चक्काजाम कर किया प्रदर्शन-
प्रदेश कांग्रेस द्वारा किसानों की फसल खरीदी, समर्थन मूल्य, स्लॉट बुकिंग की अव्यवस्थाओं और भुगतान में देरी के विरोध में यह आंदोलन आयोजित किया गया था। शाजापुर के रोजवास टोल प्लाजा, ग्वालियर के निरावली तिराहे, इंदौर बायपास, महू, मुरैना सहित कई स्थानों पर सुबह से ही कांग्रेस कार्यकर्ता हाईवे पर उतर आए और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हुई तीखी बहस-
शाजापुर जिले के रोजवास टोल प्लाजा पर आंदोलन का सबसे बड़ा असर देखने को मिला। उज्जैन, देवास, तराना और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाईवे पर ट्रैक्टर खड़े कर यातायात रोक दिया। तराना विधायक महेश परमार के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान ट्रैक्टर हटाने को लेकर पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी बहस और नारेबाजी भी हुई।
मुख्यमंत्री आवास के घेराव और तालाबंदी की दी चेतावनी-
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि कांग्रेस ने सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक शांतिपूर्ण आंदोलन का आह्वान किया था और तय समय पूरा होते ही कार्यकर्ता सड़क से हट गए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को पंचायत स्तर तक ले जाया जाएगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री आवास का घेराव और तालाबंदी भी की जाएगी।
किसान सड़कों पर फेंक रहे फसल, सरकार झालमुड़ी खाने में व्यस्त-
वहीं नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने खलघाट टोल प्लाजा पर प्रदर्शन के बाद सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि प्रदेश का किसान अपनी फसल सड़क पर फेंकने को मजबूर है, लेकिन सरकार झालमुड़ी खाने में व्यस्त है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की समस्याओं को नजरअंदाज कर रही है।
कांग्रेस का आंदोलन गैरजिम्मेदाराना- सीएम यादव
इधर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कांग्रेस के आंदोलन को गैरजिम्मेदाराना बताया। उन्होंने कहा कि 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं के दौरान चक्काजाम कर कांग्रेस ने छात्रों और आम जनता को परेशान किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि परीक्षा देने जा रहे विद्यार्थियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
कांग्रेस नेताओं को हिरासत में लिया-
मुरैना में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने करीब एक घंटे तक हाईवे जाम रखा। बाद में पुलिस ने नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर यातायात बहाल कराया। ग्वालियर में भी प्रशासन ने प्रदर्शनकारियों को चेतावनी देने के बाद बलपूर्वक हटाया और कई नेताओं को गिरफ्तार कर थाने भेज दिया। भिंड में एक कांग्रेस नेता और पुलिस आरक्षक के बीच झड़प की घटना भी सामने आई।
कई स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन प्लान किया लागू-
मुरैना एसपी धर्मराज मीणा ने कहा कि जबरन जाम लगाने वालों पर कार्रवाई की गई है। वहीं पुलिस प्रशासन ने यात्रियों की परेशानी कम करने के लिए कई स्थानों पर ट्रैफिक डायवर्जन प्लान भी लागू किया। कांग्रेस ने आंदोलन के दौरान गेहूं खरीदी में अव्यवस्थाएं दूर करने, स्लॉट बुकिंग में गड़बड़ी की जांच, किसानों को हुए नुकसान की भरपाई तथा उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित करने की मांग उठाई।