कंजार्डा। पठार क्षेत्र में वन विभाग की कथित उदासीनता के चलते राजस्थान के भेड़ पालकों द्वारा मध्यप्रदेश की सीमा में प्रवेश कर जंगलों में भेड़ें चराने का मामला सामने आया है।
बताया जा रहा है कि राजस्थान के भेड़ चरवाहों ने मध्यप्रदेश-राजस्थान सीमा के समीप अपना डेरा बना रखा है। मौका मिलते ही वे अपनी भेड़ों को मध्यप्रदेश की सीमा में प्रवेश कराकर जंगलों में चराने ले जाते हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि मध्यप्रदेश की सीमा में भेड़ों के प्रवेश पर रोक होने के बावजूद चरवाहे बेखौफ होकर जंगलों में भेड़ें चरा रहे हैं। इससे वन क्षेत्र और जंगलों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
लोगों का कहना है कि जंगलों की सुरक्षा की जिम्मेदारी जिन अधिकारियों और कर्मचारियों को सौंपी गई है, आखिर उनकी नजर इस गतिविधि पर क्यों नहीं पड़ रही है? वन विभाग द्वारा समय रहते कार्रवाई नहीं किए जाने से चरवाहों के हौसले बुलंद होने का आरोप लगाया जा रहा है।
अब स्थानीय ग्रामीणों ने वन विभाग से मामले में गंभीरता से कार्रवाई करने और मध्यप्रदेश की सीमा में भेड़ चराने पर रोक लगाने की मांग की है।