नीमच। महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा संचालित PDS दुकानों के विक्रेताओं के कमीशन में लगातार की जा रही कटौती से प्रदेश की हजारों महिला विक्रेता आर्थिक संकट से जूझ रही हैं।महिला स्वय सहायता समूह संगठन की प्रदेश अध्यक्ष माया मनोहर बैरागी द्वारा प्रेस नोट जारी कर बताया गया किपीडीएस विक्रेताओं कालंबे समय से कमीशन ना मिलने से फीका रहेगा रक्षाबंधन का त्यौहार
मध्यप्रदेश शासन के 22 जनवरी 2022 के आदेश में ग्रामीण क्षेत्र में 200 से अधिक राशनकार्ड वाली दुकान के लिए ₹10,500 प्रतिमाह कमीशन निर्धारित किया गया था। इसी आधार पर महिला समूहो को PDS दुकानें आवंटित हुईं। लेकिन बाद में कमीशन में लगातार धीरे धीरे 2000 रु तक की मासिक कमीशन राशी की कटौती की गई और 18 नवंबर 2025 के आदेश में राशनकार्डों की संख्या के आधार पर कमीशन घटाकर 200 से अधिक कार्ड पर ₹8,345 एवं 200 से कम कार्ड पर ₹5,500 तथा अंशकालिक विक्रेता के लिए ₹3,000 प्रतिमाह कर दिया गया।
समूह संगठन का कहना है कि कमीशन बढ़ाने के बजाय पहले से मिल रही राशि में कटौती करना महिला स्वयं सहायता समूहों के साथ अन्याय है। PDS विक्रेताओं को शासन के निर्देशानुसार रविवार को छोड़कर प्रतिदिन सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक दुकान खोलकर राशन वितरण सहित अन्य कार्य करने पड़ते हैं। ऐसे में इतनी कम राशि में दुकान का संचालन करना और परिवार की आर्थिक जरूरतें पूरी करना बेहद कठिन हो गया है।इसी कमीशन मेंमहिला विक्रेता को दुकान किराया बिजली बिल स्टेशनरी खर्चआवागमनआदि का खर्च उठाना पड़ता हैजबकिशासन से मांग है कि प्रति दुकान पर तुलावती की अतिरिक्त सहायक की नियुक्ति होना चाहिए
महिला स्वयं सहायता समूह संगठन म.प्र द्वाराहजारोंमहिला विक्रेताओं की तरफ से शासन से मांग करता है कि 2022 में निर्धारित ₹10,500 प्रतिमाह कमीशन को पुनः बहाल किया जाए, वर्तमान कटौती तत्काल रोकी जाए तथा महिला PDS विक्रेताओं के आर्थिक हितों को ध्यान में रखते हुए कमीशन में उचित वृद्धि की जाए। सेवा सहकारिता की शासकीय उचित मूल्य की दुकान केविक्रेताओं कोपूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के द्वारा ₹3000 अतिरिक्तकमीशन की वृद्धि की गई थीइसका लाभ समूह की पीडीएस महिला विक्रेताको भी दिया जाना चाहिए क्योंकि जो कार्य सहकारीता दुकान के सेल्समेन करते हैं वही कार्य समूह की महिला विक्रेता भी करती हैतो उनके साथ ऐसा भेदभाव क्यों
हजारों महिला विक्रेताओं की मेहनत और जिम्मेदारी के अनुरूप सम्मानजनक कमीशन मिलना उनका अधिकार है।