निम्बाहेड़ा। श्रावण मास के पावन अंतिम सोमवार के अवसर पर नगर के दशहरा मैदान स्थित आस्था के प्रमुख केंद्र श्री ढाबेश्वर महादेव मंदिर से भगवान भोलेनाथ की भव्य शाही सवारी निकाली गई। भगवान श्री ढाबेश्वर महादेव को आकर्षक फूलों से सुसज्जित पालकी में महाकाल स्वरूप में विराजमान किया गया। धार्मिक एवं भक्तिमय वातावरण में निकली शाही सवारी में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान पूरे नगर में भगवान महाकाल के जयकारे गूंजते रहे।
शाही सवारी के दर्शन के लिए नगरवासी विभिन्न मार्गों पर श्रद्धा और उत्साह के साथ मौजूद रहे। सवारी नगर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी, जहां जगह-जगह श्रद्धालुओं एवं धर्मप्रेमी नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर भगवान महाकाल का स्वागत किया। श्रद्धालुओं ने पालकी में विराजित महाकाल स्वरूप के दर्शन कर पूजा-अर्चना की तथा सुख-शांति, समृद्धि एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की।
भाजपा पदाधिकारियों ने किया भव्य स्वागत-
भगवान बाबा महाकाल श्री ढाबेश्वर महादेव की शाही सवारी के श्री परशुराम सर्कल से गुजरने के दौरान पूर्व स्वायत्त शासन मंत्री एवं विधायक श्रीचंद कृपलानी के नेतृत्व में भाजपा पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं ने श्रद्धा और उत्साह के साथ शाही सवारी का भव्य स्वागत किया। इस दौरान पालकी पर पुष्पवर्षा कर भगवान महाकाल के प्रति श्रद्धा व्यक्त की गई।
इस अवसर पर विधायक श्रीचंद कृपलानी सहित भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं संभाग सह प्रभारी नाहर सिंह जोधा, पूर्व राज्यसभा सांसद नारायण पंचारिया, पूर्व विधायक अशोक नवलखा, पूर्व भाजपा नगर अध्यक्ष नितिन चतुर्वेदी एवं नगर अध्यक्ष कपिल चौधरी ने बाबा महाकाल के दर्शन किए। सभी ने भगवान श्री ढाबेश्वर महादेव को गुलाब के पुष्पों की माला अर्पित कर विधिवत नमन किया और क्षेत्रवासियों के सुख-समृद्धि, शांति एवं खुशहाली की मंगलकामना की।
जयकारों और पुष्पवर्षा से शिवमय हुआ वातावरण-
शाही सवारी के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। नगर के विभिन्न स्थानों पर नागरिकों ने भगवान महाकाल के स्वागत के लिए पुष्प सज्जा की और श्रद्धापूर्वक दर्शन किए। भक्ति गीतों, जयकारों एवं पुष्पवर्षा से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा।
श्रावण मास के अंतिम सोमवार को निकली श्री ढाबेश्वर महादेव की शाही सवारी ने नगर की धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपरा को और अधिक जीवंत कर दिया। श्रद्धालुओं ने भगवान महाकाल से निम्बाहेड़ा सहित समस्त क्षेत्र में सुख-शांति, समृद्धि एवं खुशहाली बनाए रखने की प्रार्थना की।