भादवा माता। श्री राजराजेश्वरी वेद विद्या प्रतिष्ठान गुरुकुल, भादवा माता में संस्कृत सप्ताह का शुभारंभ गरिमामय एवं संस्कृतमय वातावरण में हुआ। महर्षि पतंजलि संस्कृत संस्थान, भोपाल तथा महर्षि सांदीपनि वेद विद्या प्रतिष्ठान, राष्ट्रीय वेद संस्कृत शिक्षा बोर्ड, उज्जैन के निर्देशानुसार आयोजित कार्यक्रम में वैदिक परंपरा, संस्कृत भाषा एवं भारतीय संस्कृति का सुंदर संगम देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार एवं वेद पाठ से हुई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता गुरुकुल के संरक्षक ओमप्रकाश शर्मा एवं पूर्व अध्यक्ष रामप्रसाद पाटीदार ने की। आयोजन गुरुकुल के प्राचार्य विकास शर्मा के नेतृत्व में हुआ। सभी वेदाचार्य उपस्थित रहे। मंच संचालन आचार्य गोविंद शर्मा ने किया।
संस्कृत सप्ताह के शुभारंभ में गुरुकुल के करीब 80 तथा पब्लिक स्कूल के लगभग 150 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थियों ने भी वैदिक विद्यार्थियों के साथ संस्कृत में विभिन्न प्रस्तुतियां दीं। विद्यार्थियों ने संस्कृत श्लोक, गीत, नाटक एवं नृत्य प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
संस्कृत को जीवंत भाषा के रूप में प्रस्तुत किया-
विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि संस्कृत केवल प्राचीन ग्रंथों तक सीमित भाषा नहीं है, बल्कि वर्तमान पीढ़ी के लिए भी सहज, जीवंत और प्रभावी अभिव्यक्ति का माध्यम है। गुरुकुल के बटुकों के वेद मंत्रोच्चार से वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से भर गया।
कार्यक्रम में स्नातकोत्तर महाविद्यालय, नीमच के प्राध्यापक डॉ. संजय जोशी विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। संस्कृत भारती की ओर से विभाग संयोजक गोवर्धन सोनीगरा, जिला मंत्री दिग्विजय पालीवाल, जिला शिक्षण प्रमुख रामप्रसाद शर्मा एवं संपर्क प्रमुख समरथ गुर्जर सहित अन्य अतिथियों ने सहभागिता की।
इसके अलावा वरिष्ठ सदस्य डम्मरलाल नागदा, दिनदयाल शर्मा, सरपंच, ग्राम सेवक, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे और विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया।
वक्ताओं ने संस्कृत को भारतीय संस्कृति, ज्ञान-विज्ञान एवं जीवन मूल्यों की महत्वपूर्ण भाषा बताते हुए विद्यार्थियों को इसके अध्ययन एवं दैनिक जीवन में प्रयोग के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि संस्कृत सप्ताह जैसे आयोजन नई पीढ़ी में भाषा, संस्कृति और भारतीय ज्ञान परंपरा के प्रति रुचि एवं गौरव की भावना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
वेदाचार्यों के मार्गदर्शन और विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण सहभागिता से संस्कृत सप्ताह का शुभारंभ समारोह सफल रहा। वैदिक मंत्रों, संस्कृत श्लोकों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गुरुकुल परिसर पूरी तरह संस्कृतमय नजर आया।