कुकड़ेश्वर। हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी सारस्वत ब्राह्मण समाज मंदिर पर गणगौर तीज बड़ी धूमधाम से मनाया। प्रातःसे मंदिर पर बड़ी संख्या में महिलाओं ने गणगौर की पूजा अर्चना की।
इस दिन सुहागिन महिलाएं ही नहीं बल्कि कुंवारी कन्याएं भी मनचाहा वर पाने के लिए व्रत रखती है इस दिन सुहागिन महिलाएंऔर कुंवारी कन्याएं माता पार्वती और भगवान शिव की मिट्टी की मूर्ति बनाकर फूल से पूजा करती है यह पर्व होली का दहन से शुरू हो जाता है जो शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को गणगौर के रूप में मनाया जाता है।
गणगौर तीज का विशेष महत्व है इस पर्व को सुहागन और कुंवारी कन्याएं धूमधाम से मनाती है।
इस दिन माता पार्वती और भगवान शिव की पूजा करने का विधान है। महिलाएं पति की लंबी आयु और कुंवारी कन्याएं मनचाहा वर पाने के लिए यह व्रत रखती है।