नीमच। शहर की बंगला-बगीचा जैसी जटिल समस्या का आज दिन तक स्थाई निराकरण नहीं हो पाया है। इन क्षेत्रों में निवासरत नागरिक सालों से परेशान हो रहे हैं। शहर के अभिभाषकों का कहना है कि सरकार ने इस जटिल समस्या का अधूरा समाधान कर जनता पर लाखों रूपये के टैक्स थोपे हैं। जबकि इन क्षेत्रों में निवासरत अधिकतर लोग गरीब व मध्यमवर्गीय परिवार से हैं। इन लोगों के पास सिर्फ मकान व भूमि हैं। जिसके मालिकाना हक के लिए कई वर्षों से यह लड़ाई लड़ रहे हैं। लेकिन अब तक इनकी समस्या का स्थाई समाधान नहीं हो पाया है।
अभिभाषक अमित शर्मा ने कहा कि भाजपा की सरकार ने प्रत्येक चुनाव में भोली भाली जनता को इस समस्या का समाधान करने के नाम पर ठगा है। क्षेत्र के विधायक व वर्तमान में भाजपा प्रत्याशी दिलीप सिंह परिहार इस समस्या का 95 प्रतिशत समाधान होने का दावा करते हैं, लेकिन परिस्थिति ठीक इसके विपरित है। महज 5 प्रतिशत लोगों ने ही व्यवस्थापन कराया है। जबकि 95 प्रतिशत लोग अब भी इस समस्या से जूझ रहे हैं। प्रदेश के मुखिया ने व्यवस्थापन के लिए जो नियम बनाए थे, उनमें कई विसंगतिया है। इस बार क्षेत्र की जनता को इन झूठे वादे व दावे करने वाले नेताओं को अपने क्षेत्र में भी नहीं आने देना चाहिए। इन पर जनता को दोबारा विश्वास नहीं करना चाहिए।
वहीं अभिभाषक महेश पाटीदार ने बताया कि प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान ने 2017 में समस्या के समाधान के लिए नियम कदम उठाया था। लेकिन जो व्यवस्थान के लिए बनाए नियम है वह इस क्षेत्र में निवासरत लोगों के हक में नहीं है। सरकार को इन नियमों में बदलाव कर जनता को राहत देनी चाहिए। भाजपा-कांग्रेस दोनों ही पार्टियों को इस विधाानसभा चुनाव में समस्या के समाधान के लिए अपने-अपने घोषणा पत्र जारी करने चाहिए।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व पूर्व विधायक संपत स्वरूप जाजू ने कहा कि बंगला-बगीचा समस्या को उलझाने वाले भी भाजपा के ही लोग है और सुलझाने का वादा कर वोट की राजनीति करने वाले भी भाजपा के ही लोग है। भाजपा के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 2017 में जो व्यवस्थापन के नियम बनाए थे, उनमें कई विसंगतियां है। ये नियम इस क्षेत्र के लोगों के लिए सिर का दर्द बन गए हैं। कांग्रेस की सरकार बनती है तो हम उन विसंगतियों को दूर कर समय सीमा में बंगलावासियों को राहत दिलवाने का प्रयास करेंगे।