जावरा। विधानसभा से निर्दलीय प्रत्याशी जीवन सिंह शेरपुर ने मंगलवार को जावरा में सरदार पटेल जयंती पर उनकी मूर्ति पर माल्यार्पण किया। इसके बाद विधानसभा क्षेत्र के गोठड़ा, मुंडला, कामलिया, चौकी, सेदपुर, लालुखेड़ी, आलमपुर ठिकरिया, बिनोली, मांगरोला, खेड़ा, बोरवना, तंबोलिया, उणी, बण्डवा में जनसंपर्क किया व घर घर जाकर मतदाता का आशीर्वाद लिया।
जनसंपर्क के समय समर्थकों का उत्साह देखने को बन रहा था। जगह जगह आमजन ने जीवनसिंह का स्वागत किया व फल फ्रूट से तोला। बुधवार को राकोदा पिण्डवासा, धामेडी, इंद्रापुरी, बानीखेड़ी, माऊखेड़ी, दुधाखेड़ी, जेठाना, झांझाखेड़ी,
भाटखेड़ी, आक्यां, श्यामपूरा, सुजापुर, नौलखा, पंचेवा, गांवों में जाएंगे।
जनसंपर्क के दौरान निर्दलीय प्रत्याशी जीवन सिंह शेरपुर ने कई जगह चौपाल को संबोधित करते हुए कहा कि चाहें विधायक बने या ना बने आप के गांवों की जितनी समस्या है वो आज से मेरी है आज से आपके दुःख दर्द जितने है और मेरे मेरे दुःख दर्द आप के है। आप के गांव की समस्यायों को प्राथमिक से दूर करूंगा। आप के गांव की समस्यायों को प्राथमिक से दूर करूंगा और अपना परिवार समझ कर इन गांवों का विकास करुंगा। गरीब का काम पहले होगा हम चुनाव लड़ने आए वोट मांगने आए यही मक़सद नहीं हमारा जो विधायक सब की लड़ाई नहीं लड़ पाए वो लड़ाई हम लड़ने आए हैं। यदि हमारी फसलें खराब होती तो हमारे यहां का विधायक सदन में जाकर आवाज़ नहीं उठाता की हमारे यहां किसानों के साथ अन्याय हो रहा। उनको मुवावजा भी पुरा नही मिल रहा। हज़ार और पंद्रह सौ देकर उनको संतुष्ट किया जा रहा है। ना विधायक आपका खेत देखने आता हैं ना घर देखने आता ना आपकी की मजबूरी समझते हैं। हम आपकी मजबूरी समझते हैं हमने वो घर देखा हुआ है क्यों कि हम भी किसान के बेटे हैं। भाजपा राष्ट्र हित की बात करती है इनके दादाजी सांसद थे तो क्या इन के बेटे ने आर्मी ज्वाइन करी क्या। इनके पोते ने करी क्या। मैंने आर्मी की भर्ती दी। मैं रनिंग नहीं निकाल पाया, नहीं तो मैं भी आर्मी में होता। मैंने पुलिस में भी में प्रयास किया है लेकिन में कही ना कही कमजोर रहा विफल रहा। मेरे अंकल भी आर्मी में थे और 16 साल की सर्विस दी। अगर वो राष्ट्र की बात करे तो उन से पूछना की परिवार से सेना में कोई गया क्या। क्यों की मरने के लिए किसान का बेटा है और राज करने के लिए राजनेताओं का बेटा है। क्या उनके बेटो को राष्ट्र भक्ति नहीं आती क्या, उनको राष्ट्र भक्ति नहीं करना चाहिए क्या, ज़रूरी है की एक राजनेता बन कर ही राष्ट्र भक्ति की जा सकती है। क्यों एक नेता का बेटा आर्मी में नहीं हो सकता है। आपके हमारे बेटे सेना में जाते हे क्यों की उन से ज्यादा राष्ट भक्ति हम में है। किसान का बेटा राजनीति नहीं कर सकता उसका अधिकार नहीं वो राज नेता बने। अगर वो बोलें की राष्ट्र हित में वोट करना तो आप समझना जीवन सिंह को वोट करना। भाजपा वाले बोल रहे हैं हम महिलाओं को हजार रुपए देंगे तो कांग्रेस वाले बोल रहे हैं हम महिलाओं को पंद्रह सौ देंगे। लेकिन हमारे बच्चों के भविष्य के बारे में कोई बात नहीं कर रहा की हम आपके बच्चे को रोजगार देंगे, अच्छी शिक्षा देंगे, अच्छी स्वास्थ्य व्यवस्था देंगे, क्या बहनों को ये नहीं सोचना चाहिए कि एक हजार पंद्रह सौ में हमारे वोटो का सौदा कर रहे हैं। 18 सालों से सरकार रही क्या तब बहनों की याद नहीं आई की हमारी बहनों के खाते में एक हजार डालना चाहिए। तब बहनों की याद नहीं आई जब लगा कि सरकार जाने वाली तब बहनों की याद आई की हम इन महिलाओं को हज़ार रूपये देंगे तो यह हमारे लिए मतदान कर दे। इससे कमलनाथ घबरा गए की ऐसा नहीं हो की सारी महिला एक साथ भाजपा को वोट कर दे इसलिए उन्होंने बोल दिया कि ये हजार देंगे तो हम 15 सौ देंगे योजना चालू नहीं हुई थी उस से पहले बिजली का बिल कितना आता था और आज कितना आता है देख लेना जितना दे रहे उस से दो गुना ले रहे अब आप को देखना है।
कांग्रेस ने बाहरी उम्मीदवार को टिकट दिया क्या पूरे विधानसभा में एक भी लायक उम्मीदवार नहीं था कि कांग्रेस को बाहर से उम्मीदवार चुनना पड़ा। कांग्रेस पुरी तरह खत्म हो गई है।
इस मौके गांव के वरिष्ठ लोग सहित सैकड़ों लोग मौजूद रहे।