उपमुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार जगदीश देवड़ा 28 दिसंबर को अपने गृह जिले मंदसौर आ रहे हैं। उनकी आमद की खबर से नीमच - मंदसौर संसदीय क्षेत्र के हज़ारो बीजेपी कार्यकर्ताओ में भारी उत्साह देखा जा रहा है और जैसा की वॉइस ऑफ़ एमपी ने सबसे पहले कहा था कि इस संसदीय क्षेत्र में अब देवड़ा सबसे ताकतवर नेता बनकर उभरेंगे और अब यह साफतौर पर दिखाई देने लगा है।
सैंकड़ों गाड़ियों के साथ होगा प्रवेश-
आज जैसे ही डिप्टी सीएम देवड़ा के मंदसौर आने की खबर डिजिटल मिडिया में चली जावरा से लेकर जावद तक कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला और खबरें यह आ रही है कि डिप्टी सीएम देवड़ा ज्योही इस संसदीय क्षेत्र में प्रवेश करेंगे उनके स्वागत सत्कार का दौर शुरू हो जाएगा। डिप्टी सीएम देवड़ा 27 दिसंबर को उज्जैन पहुंचेंगे। वहां महाकाल की पूजा अर्चना कर 28 दिसंबर को नीमच-इंदौर फोरलेन जावरा के समीप स्थित ज़ोया होटल पर पूरे संसदीय क्षेत्र के कार्यकर्ता जुटेंगे। यहीं से सैंकड़ों गाड़ियों के काफिले के साथ डिप्टी सीएम देवड़ा की आगवानी की जायेगी और यही से उनका कारवां मंदसौर की तरफ बढ़ेगा। इस दौरान पूरे रास्ते जगह-जगह स्वागत की तैयारी की जा रही है।
पशुपतिनाथ मंदिर से शुरू होगा रोड शो-
डिप्टी सीएम देवड़ा मंदसौर पहुंचकर सबसे पहले पशुपतिनाथ मंदिर जाएंगे। वहां दर्शन करने के बाद मंदसौर में उनका रोड शो होगा। इस दौरान पूरे संसदीय क्षेत्र से आये विभिन्न मंडलों के कार्यकर्ताओं द्वारा स्वागत किया जाएगा।
एमपी में अनुसूचित वर्ग में सबसे बड़ा चेहरा-
गौरतलब है कि डिप्टी सीएम देवड़ा आज की स्थिति में एमपी में अनुसूचित जाति में बीजेपी का सबसे बड़ा चेहरा है, क्योकि थावरचंद गेहलोत और सत्यनारायण जटिया के केंद्र की राजनीति में चले जाने के बाद केवल डिप्टी सीएम देवड़ा ही एमपी में दलित समाज का बड़ा नाम है।
पीएम मोदी से सीधे टच-
उनके बेदाग़ लम्बे राजनैतिक कॅरियर के कारण पीएम नरेंद्र मोदी से लेकर राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा तक सीधे उन्हें जानते हैं। इन सबके अलावा राज काज चलाने का डिप्टी सीएम देवड़ा के पास लंबा अनुभव है। उन्हें सरकारों में अब तक जितनी भी जिम्मेदारी मिली है उन्होंने सबको बखूबी निभाया।
जो मिला उनका हो गया-
डिप्टी सीएम देवड़ा की ख़ास बात यह है कि सत्ता और संगठन में बड़े पदों पर रहने के बावजूद अभिमान से वे कोसो दूर है। वहीं 16 घंटे से अधिक वे रोज़ाना काम करते हैं और पेट भरकर आम लोगों से मिलते हैं। इसी का नतीजा है की वे जिस जिले के प्रभारी बने वहां के बीजेपी वर्कर उनके हो गए और एमपी के एक दर्जन से भी अधिक जिलों के लोग मदद मांगने डिप्टी सीएम देवड़ा के पास आते हैं। इसी का परिणाम है कि भोपाल में सबसे अधिक भीड़ उनके बंगले पर होती है।
शपथ में भी सबसे ज्यादा देवड़ा समर्थक जुटे थे-
भोपाल में जब सीएम डॉ मोहन यादव और दोनों डिप्टी सीएम की शपथ हुई थी तब वहां जुटे हज़ारों बीजेपी वर्कर में सबसे ज्यादा समर्थक डिप्टी सीएम देवड़ा के थे। वे अपने नेता के उपमुख्यमंत्री बनने से बेहद खुश थे।