नीमच। जिला कांग्रेस की महिला नेत्री मधु बंसल ने कहा कि नीमच को जिला बने 25 साल हो गए लेकिन अधिकांश कार्यालय आज भी मंदसौर में संचालित हो रहे हैं। यहां लंबे समय से पासपोर्ट कार्यालय की मांग की जा रही है, लेकिन यह भी मंदसौर जिले में शिफ्ट हो गया है । और मंदसौर में भी पासपोर्ट कार्यालय को सुचारू रूप से कार्य करने के लिए के लिए सालों इंतजार करना पड़ सकता है।
देश में पांच सालों में 178 नए पासपोर्ट कार्यालय खोले गए। इसमें 170 कार्यालय 2019 के लोकसभा चुनावी साल में खोले गए। इसके बाद देश में हर साल मात्र दो नए कार्यालय खोले जा रहे है। इस तरह मंदसौर का नंबर आने में पांच-दस साल लग जाएंगे।
अभी पासपोर्ट वेरिफिकेशन व फोटो खिंचवाने के लिए जिले की जनता को 258 किमी दूर इंदौर या 397 किमी का सफर तय कर भोपाल जाना पड़ता है। इस परेशानी से छुटकारे के लिए जिले में पासपोर्ट कार्यालय की मांग की जा रही थी। लेकिन अब यह सुविधा भी नीमच से छिन गई है। विदेश मंत्रालय के नियमानुसार डाक विभाग के एक डिवीजन में एक पासपोर्ट कार्यालय खोला जा रहा है। डाक विभाग डिवीजन का मुख्यालय मंदसौर होने पर पासपोर्ट कार्यालय भी मंदसौर में ही स्वीकृत हो गया है। साथ ही मंदसौर कलेक्टर ने कलेक्टोरेट में जगह भी उपलब्ध करा दी। डाक विभाग ने भी फाइल तैयार कर स्वीकृति के लिए विदेश मंत्रालय को भेज दी है। केंद्रीय विदेश मंत्रालय से स्वीकृति मिलने पर मंदसौर में कार्यालय खोला जाएगा। इससे नीमच जिले के लोगों को कुछ राहत तो मिलती लेकिन अभी मंदसौर में भी कार्यालय खुलने की कोई स्थिति नहीं दिख रही है। मंदसौर में कार्यालय खुलने में सालों इंतजार करना पड़ेगा।
साल 1996 में नीमच को अलग जिला बनाया गया लेकिन आज तक जिले को केंद्रीय संस्थानों के कार्यालय नहीं मिल पाए है। आज भी डाक विभाग, बीएसएनएल, जिला सहकारी बैंक जैसे कार्यालयों के मुख्यालय मंदसौर जिले में लग रहे है। कुछ समय पहले ही नीमच में संचालित एनसीसी की बटालियन को भी मंदसौर में शिफ्ट कर दिया गया। जिससे नीमच जिले के लोगों को अपने कार्यों के लिए मंदसौर जाना पड़ता है रोजगार की संभावनाएं भी घटती है। जिसका सीधा-सीधा कारण क्षेत्रीय सांसद की लापरवाही एवं नीमच जिले के प्रति भेदभाव वाला रवैया है।
बंसल ने कहा है कि नीमच क्षेत्र की जागरूक जनता यह बात समझ चुकी है और आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा को भेदभाव का खामियाजा जब भुगतना पड़ेगा।