नीमच। कैलिफोर्निया अमेरिका स्तिथ प्रकाशन कंपनी नोशन प्रेस द्वारा नीमच के मेधावी छात्र मास्टर स्तव्य गर्ग पुत्र डॉ विपुल एवं डॉ श्वेता गर्ग की महज़ 11 वर्ष की आयु में अंग्रेज़ी भाषा की पुस्तक द ट्विस्टेड टेल्स (THE TWISTED TALES), गहन समीक्षा के पश्चात, सफलता पूर्वक प्रकाशित की गई। यह पुस्तक थ्रिलर लघु कथाओं पर आधारित है तथा लेखक या पुस्तक के नाम से अमेजॉन, डिजिटल कींडल एडिशन, फ्लिपकार्ट तथा नोशन प्रेस की वेबसाइट पर विश्व के सभी प्रमुख देशों में उपलब्ध है। नीमच में बुक्ज़ी तथा मनोरंजन बुक स्टोर्स पर नीमच की जनता के लिए विशेष रियायती दर पर भी उपलब्ध है।
स्तव्य गर्ग की इस पुस्तक को गोल्डन बुक ऑफ़ द ईयर अवार्ड 2024 के लिए उभरते युवा लेखक की श्रेणी में भी चयनित किया गया हैं तथा अवार्ड से सम्मानित किया जाएगा। दीपक चोपड़ा, रस्किन बॉन्ड, दीप्ति नवल, जे के रॉलिंग (हैरी पॉटर), अरनीश ग्रोवर तथा नमिता थापड़ जैसे ख्यातनाम लेखकों की पुस्तक को विगत वर्ष इसी अवार्ड से नवाज़ा गया था। इसी पुस्तक के लिए स्तव्य गर्ग को नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय गौरव पुरस्कार से भी नवाज़ा जाएगा। सबसे युवा थ्रिलर लेखक के रूप में उनका नाम इंडिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स एवं एशिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड्स के लिए भी नामांकित हुआ हैं।
बहुमुखी प्रतिभा के धनी 11 साल के स्तव्य गर्ग की अनौपचारिक प्रारंभिक शिक्षा, उनके चिकित्सक माता-पिता द्वारा तब से ही शुरू कर दी गई थी, जब वे अपनी माँ के गर्भ में पनप रहे थे। इन्हीं प्रयासों के चलते स्तव्य गर्ग आज विभिन्न क्षेत्रों में न केवल रुचि रखते हैं बल्कि इनमें से कई कलाओं में इन्होंने निपुणता भी हासिल की हैं। इनमें संगीत की शिक्षा प्रमुख है। जिसमें इन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, गायन तथा वाद्य यंत्र, दोनों में, अपने गुरूओं के आशीर्वाद एवं शिक्षा से, कई पुरस्कार हासिल किए एवं कई आयाम स्थापित किए हैं। निनाद संगीत महोत्सव आगरा तथा पूर्वई संस्कृति कला विकास केंद्र द्वारा आयोजित स्मृति संकलन नई दिल्ली में महज़ 05 से 6 वर्ष की उम्र में ही यह उपलब्धि एवं कीर्ति हासिल की हैं। स्कूली शिक्षा में भी वे सदा अव्वल रहते हैं तथा विज्ञान विषय में अंतरराष्ट्रीय ओलंपियाड में पूर्णांक हासिल कर गोल्ड मेडल प्राप्त कर समूचे विश्व में भारत के गौरव का डंका बजाया हैं।
तरह-तरह की किताबों को पढ़ने में रुचि रखने वाले स्तव्य गर्ग को किताब लिखने की प्रेरणा अपनी इसी रुचि तथा अपने डॉक्टर पिता से मिली। बच्चों के बीच उभरती गणित विषय की नई प्रणाली, अबेकस एवं वैदिक मैथ्स में भी स्तव्य गर्ग को राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कार प्राप्त हुए हैं। स्तव्य डूडलिंग और स्केचिंग जैसी उभरती नई कला का भी शौक़ रखते हैं।