नीमच। आज सांसद जी की अंतरिम बजट पर प्रतिक्रिया सुनी और पढ़ी। उसमें उन्होंने नीमच -रतलाम दोहरीकरण और नीमच बड़ी सादड़ी रेल लाइन के लिए आवंटित धन को बहुत बड़ी उपलब्धि बताया हैं। लेकिन सांसद जी को तो माफ़ी माँगना चाहिये कि एक दशक से पूर्व स्वीकृत दोहरीकरण और सात वर्ष पूर्व जिस रेल लाइन का शिलान्यास कर दिया था आज भी ज़मीन पर उतर नहीं पाई। यह बात नीमच शहर के पूर्व विधायक संपत स्वरूप जाजू ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही। उन्होंने कहा कि सांसद जी ने जिस मीटिंग की बात कही हैं वह मीटिंग सरकारी कार्यों के समय सीमा और गुणवत्ता पर निगरानी करती हैं लेकिन दुर्भाग्य हैं कि क्षेत्र में सभी प्रमुख योजनाओ के काम स्वीकृत हुए कई वर्ष हो गये हैं लेकिन वे अभी शासकीय प्रतिक्रिया में उलझे हैं।
पूर्व विधायक जाजू ने कहा कि नीमच-रतलाम दोहरीकरण किस सन् में स्वीकृत हुआ था तब केंद्र में कौन प्रधानमंत्री था और संसदीय क्षेत्र का कौन सांसद था और किस वर्ष के बजट में प्रथम बार धनराशि आवंटित की गई थी इस पर भी विचार करना चाहिए। इसके अलावा नीमच-बड़ी सादड़ी नवीन रेल लाइन कब स्वीकृत हुई थी और कौन प्रधानमंत्री था और संसदीय क्षेत्र में कौन सांसद था। उपरोक्त दोनों रेल योजनाये स्वीकृत हुए एक दशक ( दस वर्ष ) से अधिक समय हो गया हैं और अभी बजट में धन आवंटित का श्रेय लेकर गर्व से कह रहे हैं कि कार्य में तेज़ी आयेगी।
नीमच , मंदसौर रेल्वे स्टेशन अमृत भारत स्टेशन में स्वीकृत हुए तीन वर्ष हो चुके हैं लेकिन अभी तक वहाँ मुसाफ़िरों के लिये चलायमान सीढ़िया / लिफ्ट नहीं लगी।
रेल की विभिन्न योजनाओं को समय सीमा में क्रियान्वयन नहीं होना किसकी निष्क्रियता बता रहा हैं मनन कीजिये।