चीताखेड़ा। संत शिरोमणि गुरु रविदास जी ने भारतीय समाज में एकरूपता, समानता और बिना भेदभाव के सर्व कल्याण के साथ राष्ट्र निर्माण के लिए देश और दुनिया का मार्गदर्शन किया। उन्होंने अपना जीवन समाज से जाति भेद भाव को दूर करने और समाज सुधार व समाज कल्याण कार्यों में समर्पित कर दिया था।
उक्त बात मेघवाल समाज धर्मशाला चीताखेड़ा में शनिवार को आयोजित संत शिरोमणि गुरु रविदास जयंती के मुख्य समारोह में मुख्य अतिथि मंडी समिति पूर्व अध्यक्ष उमराव सिंह गुर्जर ने कही। अतिथि यशवंत गोयल अजाक्स जिलाध्यक्ष ने उपस्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के बड़ी संख्या में उपस्थित अनुयाईयों को अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी ने समाज में फैली कुरूतियों, सामाजिक भेदभाव को चुनौती दी थी। समतामूलक समाज हो यह उनका सपना था। न्याय विभाग कर्मचारी संघ पूर्व अध्यक्ष महेश जांगड़े ने संत शिरोमणि रविदास जी के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की समाज के प्रति परिकल्पना थी कि जाति धर्म वर्ग का कोई स्थान नहीं हो और एक ऐसा समाज का निर्माण हो, जिसमें सहिष्णुता भाई चारे का संदेश दे। अजाक्स जिलाध्यक्ष कोषाध्यक्ष लाखनसिंह मौर्य, अजाक्स जिला महामंत्री, अजाक्स जीरन तहसील अध्यक्ष आनंद मांगरिया, मेघवाल समाज अध्यक्ष नागेश्वर जावरिया ने भी संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के जीवन पर प्रकाश डाला।
संत शिरोमणि मानवता के उद्घोषक श्री रविदास जी के अनुयायियों द्वारा जन्मोत्सव अंचल भर में उत्साह के साथ मनाया गया। चीताखेड़ा में मेघवाल समाज द्वारा हर साल की तरह इस बार भी शनिवार को बैंड बाजों एवं ढोल ढमाकों के साथ गांव के विभिन्न मार्गों से भव्य चल समारोह निकाला गया। सर्वप्रथम मेघवाल समाज धर्मशाला में उपस्थित वरिष्ठ जनों ने संत शिरोमणि रविदास जी के चित्र पर माल्यार्पण व द्वीप प्रज्जविलत किया।
मेघवाल समाज धर्मशाला से बैंड़ बाजों और ढोल ढमाकों के साथ संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की झांकी के साथ भव्य शोभायात्रा निकाली गई। भव्य शोभायात्रा सदर बाजार, नीम चौक, चांदनी चौक, बस स्टैंड से परिभ्रमण करती हुई पुनः धर्मशाला पहूंची। मेघवाल समाज समिति सचिव भरत जावरिया, सीताराम जावरिया, सुरजमल जावरिया, नारायणलाल जावरिया, बगदीराम जावरिया, मांगीलाल जावरिया, रामेश्वर जावरिया, देवीलाल जावरिया, रामरतन जावरिया, भेरुलाल जावरिया, शोभायात्रा में संत शिरोमणि गुरु रविदास जी के अनुयाई बड़ी संख्या में शामिल थे। सभी नाचते झुमते थिरकते हुए चल रहे थे। सद् भावना मंच के वरिष्ठजनों ने तथा सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जगह जगह ग्रामीणों ने फूल बरसाकर शोभायात्रा का स्वागत किया। सहित कई गणमान्य लोग बड़ी संख्या में संत शिरोमणि रविदास के अनुयाई उपस्थित थे।