नीमच। ज्ञानोदय विश्वविद्यालय द्वारा एक व दो मार्च 2024 को ज्ञानोदय विश्वविद्यालय की कुलाधिपति डॉ माधुरी चौरसिया की अध्यक्षता में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन होगा। इस अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में सिक्किम, मणिपाल विश्वविद्यालय के डॉ संदीप चौरसिया, डॉ प्रमोद एस (माउंट केन्या विश्वविद्यालय) डॉ एस एस सारंगदेवोत विक्रम विश्वविद्यालय के डॉ राजीव पांडेया, माइक्रोबायोलॉजिस्ट सोसाइटी इंडिया के डॉ ए एम देशमुख आदि सभी विशेषज्ञ अपना अनुभव साझा करेंगे तथा अपने विचार व्यक्त करेंगे।
इस अवसर पर अपने स्वागत उद्बोधन में बताया कि क्षेत्र की पहली प्राइवेट यूनिवर्सिटी द्वारा अंतरराष्ट्रीय स्तर के सेमिनार के आयोजन की घोषणा करते हुए मुझे बहुत हर्ष हो रहा है। अनुसंधान शिक्षा का अहम हिस्सा है जिसे कोई भी नकार नहीं सकता है। एक शिक्षक के जीवन में अनुसंधान का विशेष महत्व होता है। इस अवसर पर ज्ञानोदय विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डॉ प्रशांत शर्मा ने बताया कि यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन विकासोन्मुख नवाचारों द्वारा भविष्य का सतत सशक्तिकरण विषय पर आयोजित हो रही है। जिसमें देश एवं देश के बाहर के सभी अनुभवी विशेषज्ञ अपने प्रेजेंटेशन एवं विचार व्यक्त करेंगे और रिसर्च आज के समय में हर प्राध्यापक के लिए बहुत जरूरी है इस अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के माध्यम से प्रसिद्ध मुख्य वक्ताओं और विशेषज्ञों के नेतृत्व में तकनीकी सत्रों के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों के छात्रों और शिक्षकों को अपने ज्ञान को बढ़ाने के अवसर प्रदान करेगी छात्रों और संकाय को पेपर प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने शोध को प्रदर्शित करने की सुविधा प्रदान करेगी।
ज्ञात हो इस सेमिनार में अंतरराष्ट्रीय एवं राष्ट्रीय स्तर के रिसर्च स्कॉलर भाग लेंगे। बालकवि बैरागी महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ सुरेंद्र शक्तावत ने सभी शिक्षकों को जानकारी दी इस अवसर पर ज्ञानोदय संस्थान के सभी प्राचार्य, समस्त विभागाध्यक्ष, सभी प्राध्यापक आदि उपस्थित थे। अंत में आभार व्यक्त ज्ञानोदय विश्वविद्यालय के रजिस्टार प्रो हेमंत प्रजापति ने किया।