नीमच। राम नाम जपने से जीवन का कल्याण होता है। राम नाम के सहारे हनुमान जी 100 योजन समुद्र को पार कर लंका पहुंच गए थे, जिसके हृदय में प्रभु का नाम होता वह कभी डूबता नहीं है। प्रभु नाम स्मरण करेंगे तो जीवन में कभी संकट नहीं आएगा। तुलसीदास जी कहते हैं कि राम से बड़ा राम का नाम होता है। इसलिए राम नाम का जाप कर अपने जीवन का कल्याण करना चाहिए।
यह बात संत श्री भक्ति प्रिया इंदौर की शिष्या एवं ईश्वरीय प्रेम आश्रम इंदौर की साध्वी विष्णु प्रिया जी ने कहीं। वे गुरुवार 29 फरवरी को भागेश्वर महादेव आश्रम में सुबह 9 बजे आयोजित धार्मिक सत्संग प्रवचन में बोल रही थी। उन्होंने कहा कि तुलसीदास जी के अनुसार राम कण-कण में व्याप्त है। मृत्यु शाश्वत सत्य है।जीवन का अंत समय कब आ जाए यह किसी को पता नहीं होता है इसलिए जीवन पर्यंत जब तक जीवन है तब तक राम नाम का स्मरण करते रहना चाहिए क्योंकि अंत समय मुंह पर राम नाम आए या नहीं यह कहा नहीं जा सकता है। गुरु और परमात्मा से कुछ छुपाना नहीं चाहिए।गुरु और परमात्मा के सामने सदैव सच बोलना चाहिए तभी हमारे जीवन का कल्याण हो सकता है। संत से यदि ज्ञान सीखना है तो बालक बनकर खाली मन होकर जाना चाहिए। श्री राम जी ने अहिल्या और जटायु का उद्धार किया। शबरी को दर्शन देकर झूठे बेर स्वीकार किए।कलयुग में राम सरलता से मिलते हैं स्मरण करने मात्र से राम संकट दूर कर देते हैं।
विभिन्न प्रश्नों के उत्तर
साध्वी विष्णु प्रिया जी के मुखारविंद से श्रद्धालु भक्तों को मार्गदर्शन के रूप में प्रदान किया जा रहे हैं। संत श्री भक्ति प्रिया इंदौर की शिष्या ईश्वरीय प्रेम आश्रम इंदौर की साध्वी विष्णु प्रिया जी के अमृत प्रवचन श्री राम कथा पर आधारित सत्संग ज्ञान गंगा प्रतिदिन भागेश्वर महादेव आश्रम पर 24 फरवरी से 10 मार्च तक सुबह 9 से 10ः30 बजे तक प्रवाहित हो रही हैं।