चित्तौड़गढ़। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रो में बेराजगारी का मुख्य कारण युवाओं में कौशल की कमी है। जिम्मेदार उद्योग के रूप में सीएसआर के तहत् हिन्दुस्तान जिंक द्वारा विशेष रूप से स्थानीय ग्रामीण युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें रोजगार एवं स्वरोजगार से जोडने के लिए जिंक कौशल केंद्र के माध्यम से उनके भविष्य को सुदृढ़ करने हेतु प्रयास किये जा रहे है। स्थानीय युवाओं के लिए उपलब्ध रोजगार के अवसरों के साथ.साथ युवाओं की रुचि के अनुसार विभिन्न क्षेत्रों की पहचान कर भौगोलिक क्षेत्रों में मूल्यांकन सर्वेक्षणों के अनुसार कार्यक्रम शुरुआत की जाती है। हिन्दुस्तान ज़िंक कौशल केन्द्र से जुड़कर संचालन क्षेत्र के 5 जिलों उदयपुर राजसमंद चित्तौडगढ़ भीलवाडा और अजमेंर के आस पास के क्षेत्र के 6 हजार से अधिक ग्रामीण और शहरी युवा अपने सपनों को साकार कर रहें है।
ज़िंक कौशल केन्द्र से कई युवा प्रशिक्षण प्राप्त कर विभिन्न क्षेत्रों में रोजगार एवं स्वरोजगार से जुडे हैं। उन्ही में से एक है चन्देरिया निवासी लविना सिसोदिया जो कि जिंक कौशल केन्द्र से प्रशिक्षण प्राप्त कर गांव की युवतियों के लिए प्रेरणास्त्रोत बन गई हैं। लविना का परिवार आज उसकी मेहनत से अपने सपनों को साकार करने की दिशा में अग्रसर हैं। जीवन में उच्च महत्वकांक्षाए रखने वाली लविना को जिंक कौशल केन्द्र की जानकारी मिलने पर उसने 2 माह के बीएफएसआई कोर्स में प्रवेश लिया जहां उसे निःशुल्क प्रशिक्षण के साथ स्वयं के व्यक्तित्व विकास के अवसर भी मिले। आज वह गैर सरकारी संस्था में कार्य करते हुए आर्थिक रूप से सशक्त बन दूसरों के लिये सफलता की मार्गदर्शक है।
ऐसे ही दूसरा उदाहरण बस्सी क्षेत्र के पालका गांव के रहने वाले अंकित शर्मा का हैं जिनका सपना मैकेनिकल इंजीनियर बनने का था। शिक्षा पूरी करने के बाद अंकित ने अपने सपने को पूरा करने के अथक प्रयास किये लेकिन उसे निराशा हाथ लगी। उन्हें जिंक कौशल केन्द्र के बारे में जानकारी मिली। बीएफएसआई कोर्स में प्रवेश लिया और कोर्स पूर्ण करने के पश्चात प्लेसमेंट के दौरान अंकित अडानी केपीटल में चयनित हुए। अंकित के सपनों को पंख मिलते ही उन्होंने पूरी मेहनत और लगन से कार्य की शुरुआत की। कुछ समय बाद ही अंकित का चयन एचडीएफसी बैंक में हो गया। अंकित की इस सफलता से उनका परिवार बहुत खुश हैं।
जिंक कौशल केन्द्र सिर्फ युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण ही उपलब्ध नही कराता हैं बल्कि उनके व्यक्तित्व के विकास के लिए भी प्रशिक्षण के दौरान नियमित तौर पर तैयार कर रहा हैं। जिंक कौशल केंद्र के माध्यम से युवाओं को उद्यम स्थापित करने में तकनीकी सहायता और गैर वित्तीय सुविधा के साथ यह कार्यक्रम युवाओं को आत्मनिर्भर और स्वउद्यमी बनने के लिए कौशल प्रदान कर रहा है और इनमें से कई युवाओं के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करने में सफलतापूर्वक कामयाब रहा है। युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के कंपनी के प्रयासों से करीब 6 हजार से अधिक युवाओं को कौशल विकास से जोडने और उनमें से 5 हजार से अधिक के रोजगार एवं उद्यमी के रूप में कार्यरत होकर सफलता की ओर अग्रसर हो रहे है।