नीमच। जिला चिकित्सालय में बुधवार सुबह फिर हंगामा खड़ा हो गया। डिलीवरी के लिए आई महिला के गर्भ में ही बच्ची ने दम तोड़ दिया। जिसके बाद परिजन आक्रोशित हो उठे। सदमे की वजह से घर वालों का रो रोकर बुरा हाल है। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक और नर्सों की लापरवाही से दुनिया में आंखें खोलने से पहले ही बच्ची चल बसी। परिवार जनों ने डॉक्टर लाड धाकड़, मंजू सहित एक और नर्सिंग स्टाफ पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। परिवार ने जिला चिकित्सालय के स्टाफ पर रूपए मांगने का भी आरोप लगाया है। जिसके बाद सिविल सर्जन और पुलिस बल मौके पर पहुंचा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार गर्भवती महिला 22 वर्षीय मीनू पति कालू पठान जिसका ससुराल निंबाहेड़ा में है, उसकी गोद भराई की रस्म करने के बाद नीमच लाया गया था। दर्द उठने की वजह से उसे तीन दिन पहले जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। बीती शाम जब दर्द ज्यादा उठा तो सोनोग्राफी के बाद स्टाफ ने कहा कि पेट में बच्चे की धड़कन नॉर्मल है। परिवार जनों ने यहां मौजूद स्टाफ से कहा कि नॉर्मल डिलीवरी होती हो तो ठीक नहीं तो आज ही ऑपरेशन कर दो। चिकित्सक और स्टाफ ने कोई ध्यान नहीं दिया। बाद में कह दिया कि एनेस्थीसिया के लिए डॉक्टर नहीं आएगा, इसलिए ऑपरेशन सुबह होगा। इसके बाद आज सुबह कहा कि बच्चों की धड़कन कम हो रही है,और सुबह 6.30 बजे नॉर्मल डिलीवरी करा दी। उस समय डॉक्टर सहित तीन स्टाफ मौजूद थे। डिलीवरी में बच्ची मृत पैदा हुई। इसके बाद परिजन भड़क गए। डॉक्टर और स्टाफ पर परिवारजन जांच करने और कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं। प्रसूता मीनू की भी मेडिकल जांच की मांग की जा रही है। हंगामे के बीच सिविल सर्जन महेंद्र पाटील और पुलिस बल भी जिला चिकित्सालय में उपस्थित था।