मोरवन। महाशिव रात्री के पावन अवसर पर ग्राम मोरवन बाला जी आंगन मैदान में चार दिवसीय महाशिव गुणगान कथा स्वामी श्री चेतनानन्द गिरि (श्री महन्त राष्ट्रीय प्रवक्तापंचदशनाम आवाह्न अखाड़ा हरिद्वार) मुखारविंद से प्रारंभ हुए। मंगलवार 05 मार्च को सुबह 10 बजे कलश यात्रा बड़े मंदिर से (लक्ष्मीनारायण मन्दिर) निकाली गई, जिसमे बड़ी संख्या में ग्रामीण सम्मिलित हुए। कलश यात्रा नगर के प्रमुख मार्गो से होती हुई कथा स्थल बालाजी प्रांगण पहुंची। जहां व्यास पीठ का पूजन अर्चन कर चार दिवसीय महाशिव गुणगान (प्रवचन) प्रारंभ हुआ। मंगलवार रात्रि में संगीतमय सुंदरकांड का पाठ किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में माता बहने सहित सैकड़ो की संख्या में ग्रामीणों ने सुंदरकांड का आनंद लिया।
बुधवार 11 बजे से कथा प्रारम्भ हुई जिसने व्यास पीठ पर विराजित स्वामी श्री चेतनानन्द गिरी जी महाराज ने बताया कि शिव महापुराण एक विलक्षण व दिव्यता से परिपूर्ण ग्रंथ है। शिव महापुराण की कथा मानव जाति को सुख समृद्धि व आनंद देने वाली है जो समस्त जीवों को आत्मज्ञान देकर ईश्वर से जुड़ने की कला सिखाते हैं। भगवान भोलेनाथ की कथा में गोता लगाने से प्रभु की प्राप्ति होती है लेकिन कथा सुनने वह उसमें उतारने में अंतर होता है। सुनना तो सहज है लेकिन इसमें उतरने की कला हमें केवल एक संत ही सिखा सकता है। संत के संग से ही मनुष्य जीवन में बहार आती है। विचारों से परिपूर्ण हृदय ईश्वरीय भक्ति से भर जाता है। स्वामी जी ने आगे कहा कि भगवान शंकर कण कण में है और रहेंगे। वेदांत शास्त्र में तीन कारण बताए गए है उपादान कारण, निमित कारण, कार्य कारण। जिस प्रकार एक कुम्हार घड़ा बनाता है तो मिट्टी की आवश्यकता होती है। कुम्हार हो गया निमित कारण, घड़ा हो गया कार्य कारण और मिट्टी हो गई उपादान कारण, कुम्हार मर गया, घड़ा फूट गया लेकिन मिट्टी वहीं रही क्यों की मिट्टी उपादान है। उसी प्रकार भगवान शिव उपादान है, सृष्टि के रचयिता है। महाशिव गुणगान कथा में सैकड़ो की संख्या में महिला पुरुष सहित आसपास ग्राम के नागरिक उपस्थित थे। द्वितीय दिन की कथा समाप्ति के बाद आरती कर प्रसाद का वितरण किया गया।
8 मार्च 2024 महाशिवरात्रि को रात्रि 8 बजे से भगवान शिव का चारो प्रहर का महाभिषेक किया जाएगा। चार दिवसी महाशिव गुणवान का आयोजक-निलाद्री रॉय, कॉलोनाइजर, मोहन सिंह जाट (नानपुरिया वाले) एवं समस्त ग्रामवासी के सहयोग से किया जा रहा है।