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March 9, 2024, 11:15 am
BIG NEWS : प्रातः काल उठकर माता-पिता गुरु जनों के चरण स्पर्श करने से आयु, विद्या, यश और बल की वृद्धि होती है- स्वामी श्री चेतनानन्द गिरीजी महाराज, कथा विश्राम के बाद व्यास पीठ से दिव्य रुद्राक्ष का हुआ वितरण, पढ़े आशीष बैरागी की खबर 

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मोरवन। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर ग्राम मोरवन बालाजी आंगन कालोनी में चल रही चार दिवसीय महाशिव गुणगान कथा का शिवरात्रि के पावन पर्व पर विश्राम हुआ। 
व्यास पीठ से स्वामी श्री चेतनानन्द गिरि (श्री महन्त राष्ट्रीय प्रवक्तापंचदशनाम आवाह्न अखाड़ा हरिद्वार) ने शुक्रवार चौथे दिन की कथा में बताया की जीवन और सागर दोनों एक समान है। जिस प्रकार सागर का एक तट दिखाई देता है लेकिन दूसरा तट दिखाई नहीं देता। इस प्रकार मनुष्य जन्म लेता दिखाई देता है लेकिन मृत्यु दिखाई नहीं देती। जिस प्रकार यह समुद्र हमारी प्यास नहीं बुझा सकता उसी प्रकार इस संसार में भी कोई प्राणी तृप्त नहीं हो सकता। अगर इस संसार रूपी सागर को पार करना है तो गुरुजनों महापुरुषों के चरण पकड़ने पड़ेंगे, वो इस संसार सागर की मजबूत नौका है। हमारे यहां चरण स्पर्श करने की परंपरा है। शास्त्रों में वर्णन है कि प्रातः काल उठि कै रघुनाथा, मातु पिता गुरु नावहिं माथा। अब आप सोच रहे होंगे कि 14 वर्ष भगवान वनवास गए तो क्या किया होगा। जिस दिशा में गुरुजन, श्रेष्ठजन, माता-पिता है उस दिशा में भूमि को दंडवत प्रणाम करना यह प्रणाम है। हमारे बच्चों को यह संस्कार देना चाहिए कि सुबह उठकर वह माता-पिता, गुरु जनों, अपनों से बड़ो के चरण स्पर्श करें। चरण स्पर्श करने से आयु, विद्या, यश और बल की वृद्धि होती है। भगवान भूतभावन महादेव अपने शरीर पर भस्म लगाते हैं वह इस संसार को एक संदेश दे रहे हैं कि इस संसार में सभी को एक दिन इसी राख में मिल जाना है। 
कथा में आगे व्यास पीठ से स्वामी जी ने शिव विवाह का सुंदर चित्रण सुनाया कथा सुनकर सभी श्रोतागण शिव मय हो गए। कथा के दौरान छोटे बच्चो द्वारा शिव पार्वती विवाह की झांकी बनाई गई जो आकर्षण का केंद्र रही। कथा विश्राम के बाद आरती कर प्रसाद का वितरण किया गया। कथा में मोरवन, जनकपुर, बसेड़ीभाटी समेल, जनकपुर, रूपपुरा सहित आसपास के गांव से सैकड़ों की संख्या में भक्त उपस्थित थे।
शिवरात्रि के पावन पर्व पर हुआ रुद्राक्ष का वितरण-
कथा विश्राम के बाद व्यास पीठ से स्वामी जी द्वारा सभी उपस्थित भक्त जनों को रुद्राक्ष का वितरण किया गया। रुद्राक्ष लेते समय भक्तजन काफ़ी उत्साहित दिखाई दिए।
श्री राम मंदिर का हुआ भूमिपूजन-
कथा विश्राम के बाद स्वामी जी के करकमलों से बालाजी आंगन कॉलोनी में श्री राम मंदिर का भूमि पूजन किया गया।

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