नीमच। सत्संग के बिना मानव जीवन का कल्याण नहीं होता है। हरि भजन ही सत्य है। संसार में परिवार रिश्ते नाते धन संपत्ति वैभव सब झूठे हैं। ईश्वर की भक्ति का प्रेम सच्चा है। सत्संग भक्ति के बिना मनुष्य का जीवन पशु के समान होता है। प्रभु के प्रति समर्पण और प्रेम भक्त कर्मा बाई की तरह होना चाहिए। कर्मा बाई की खिचड़ा का भोग लगाने ईश्वर स्वयं आते थे। भक्त हो तो मीराबाई जैसी जो विष को भी अमृत बना दे। यह बात साध्वी विष्णु प्रिया श्री जी महाराज साहब ने कहीं। वे सिंधी गुरुद्वारा बघाना में प्रातः 9 बजे आयोजित धर्म सत्संग प्रवचन सभा में बोल रही थी।
उन्होंने कहा कि परमात्मा से भक्ति के संबंध बनेंगे तो अनमोल जीवन बच जाएगा। मनुष्य जन्म बार-बार नहीं मिलता है।संसार में मनुष्य जन्म मिला है तो जीवन का कल्याण करना है तो सत्संग भक्ति और परमात्मा से संबंध जोड़ना चाहिए। संसार झूठा है। और सब धोखा है। संसार में स्वार्थ है। धर्म सभा में कमल मूलचंदानी ने विभिन्न भजन प्रस्तुत किये। इस अवसर पर मनीष तोलानी, शैलेंद्र तोलानी, प्रभु लाल मूलचंदानी, जगदीश अंगनानी, शंकर दास मूलचंदानी, परमानंद पारवानी, कशिश मूलचंदानी, नेहा तोलानी, सोनल मूलचंदानी, परमेश्वरी मूलचंदानी, राधा परवानी, रेशमा तोलानी सहित बड़ी संख्या में समाज जन उपस्थित थे । आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया।