नीमच जिले के मनासा में 1 से 7 अप्रैल को पंडित प्रदीप जी मिश्रा के मुखारविंद से होने वाली शिव पुराण कथा का आयोजन प्रशासन ने पर्याप्त व्यवस्था न होने के चलते निरस्त करने का सूचना पत्र जारी कर दिया ह
इस संबंध में प्रशासन द्वारा आयोजक शांति बाई पति स्वर्गीय शंकर लाल देवड़ा को जारी सूचना पत्र में कहा है कि मनासा में अन्र्तराष्ट्रीय कथा पंडित प्रदीप मिश्रा (सीहोर वाले) के मुखारविन्द से होने वाली शिव महापुराण कथा का आयोजन दिनांक 01.04.2024 से 07.04.2024 तक प्रस्तावित है। उक्त आयोजन के संबंध में आयोजकों के साथ दिनांक 19. 03.2024 को कलेक्टर, जिला-नीमच एवं पुलिस अधीक्षक, जिला-नीमच एवं अन्य अधिकारियों सहित बैठक की गई। दिनांक 20.03.24 को पुनः कलेक्टर महोदय, जिला-नीमच एवं पुलिस अधीक्षक, जिला-नीमच एवं अन्य संबंधित अधिकारियों सहित मौका निरीक्षण किया गया एवं तैयारियों की समीक्षा की गई। जिसमें तय किया गया की स्थानिय पुलिस व राजस्व अधिकारियों द्वारा भी. उक्त आयोजन के तारतम्य में परिस्थितियां मौका निरीक्षण कर ज्ञान करने का पूर्ण प्रयास किया जिसमें निम्नानुसार कारण ऐसे दर्शित हो रहे थे जिस कारण अनुमति प्रदान किये जाने में कठिनाई उत्पन्न हो रही थी
ये रहा निरस्त का कारण-
1- वर्तमान में आर्दश आचरण संहिता प्रभावशील है।
2- आयोजकों द्वारा आज पर्यन्त तक यह जानकारी नहीं दी गई कि व्यवस्था में कितने वालेंटर रहेंगें तथा उनके क्या नाम है?
3- प्रथम दृष्ट्या ऐसा प्रतीत हो रहा है कि उक्त आयोजन के तारतम्य में आयोजकों का स्थानिय सामाजिक व अन्य सेवाभावी संगठनों से कोई समन्वय व सामंजस नहीं है। इस कारण भी अन्य संगठनों का सहयोग प्राप्त होगा इसमें संशय है।
4-आयोजन की यातायात व्यवस्था की भी कोई ठोस प्लानिंग नहीं
5- सुरक्षाकर्मी, वालेंटर आदि की भोजन व्यवस्था व ठहरने की कोई ठोस प्लानिंग नहीं है।
06- चूंकि परम पुज्य गुरुदेव श्री प्रदीप जी मिश्रा (सीहोर वाले) अंतर्राष्ट्रीय कथा प्रवक्ता है जिन्हें सुनने व देखने लाखों लोगों के आने की संभावना है। गर्मियां शुरू हो चुकी है तथा आयोजकों की पेयजल की भी कोई प्लानिंग नहीं है।
इसके साथ महिला एवं पुरुष हेतु पृथक-पृथक 250-250 अस्थाई शोचालयों का निर्माण करवाकर सफाई ऐजेंसी नियुक्त कर शौचालय, पांडाल, परिसर, पांर्किंग स्थल आदि पर साफ-सफाई व्यवस्था हेतु वालेंटियर की सूची सहित दिनांक 23.03.24 तक जानकारी चाही गई है। जानकारी प्राप्त होने के उपरांत ही अनुमति पर विचार किया जावेगा।