छतरपुर। होली का त्योहार देशभर में मनाया जाता है। बुंदेलखंड में फाग गाए बिना यहां की होली अधूरी है। इन दिनों छतरपुर के गांवों में चोपालो पर फाग के स्वर गूंज रहे हैं वहीं छतरपुर जिला के राजनगर में देहाती फाग और राई नृत्य की मस्ती में ग्रामीण झूमते नजर आते हैं।
ग्रामीणों ने बताया बुंदेलखंड में होली पर फाग गाया जाता है। पूर्वज जो फाग गाते थे, वही विरासत लेकर हम आगे चल रहे हैं। हम लोग बसंत पंचमी के दिन से फाग गाना शुरू कर देते हैं। फिर यह सिलसिला होली में रंग खेलने वाले दिन तक चलता है।
फाग गीतों पर झूमते हुए होली के त्योहार मनाते हैं।
80 वर्षीय किसान ने बताया होली का हम सभी को बहुत इंतजार रहता है। खूब-झूमते गाते हैं। हमारे समूह में कोई ढोलक बजाता, कोई नगड़िया बजाता है। हम सभी फाग के गीतों पर गांव के बुजुर्ग, युवा, बच्चे, महिलाए झूमते है।
बुन्देलखण्ड में बहुत पहले से यह परंपरा चली आ रही है। यह खुशहाली का त्योहार है, धूमधाम से मनाते हैं। पुरानी परंपराओं के अनुसार हम लोग फाग गाते हैं। इसमें सभी जाति धर्म के लोग आते हैं। होलिका दहन वाले दिन से फाग गाने का यह सिलसिला परेवा वाले दिन जब रंग खेला जाता है तो पूरा दिन यहां लोग फाग गाते, अबीर-गुलाल लगाकर खुशी मनाते हैं।