उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में वर्ष भर के सभी त्यौहार व पर्व सबसे पहले बाबा महाकाल के आंगन में मनाए जाते है। इस बार भी श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर 19 अगस्त सोमवार को सुबह भस्म आरती के दौरान भगवान पर महाकाल को सबसे पहले राखी बांधी जाएगी। इसके बाद भगवान को लड्डूओं का महाभोग अर्पित होगा। इसी दिन सोमवार को राजा महाकाल की श्रावण मास की अंतिम व क्रम अनुसार पांचवी सवारी भी नगर भ्रमण पर निकलेगी। पांचवी सवारी में इस बार सीआरपीएफ पुलिस का करीब 50 सदस्यीय बैंड शामिल होगा। वहीं सभामंडप में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पूजन करेंगे।
इस बार संयोग है कि श्रावण की शुरूआत सोमवार से हुई है। वहीं अब श्रावण मास का समापन भी सोमवार को हो रहा है। इसी दिन श्रावण पूर्णिमा तिथि पर रक्षाबंधन पर्व 19 अगस्त को मनाया जाएगा। श्री महाकालेश्वर मंदिर में सोमवार को अल सुबह होने वाली भस्म आरती के दौरान पुजारी-पुरोहितों द्वारा भगवान महाकाल को राखी बांधी जाएगी। इसी दिन भगवान को पुजारी परिवार द्वारा असंख्य बेसन के शुद्ध घी से निर्मित लड्डुओं का महाभोग लगाया जाएगा। महाभोग अर्पित होने के बाद से ही दर्शन को आने वाले श्रद्धालुओं को लड्डू प्रसाद वितरित किया जाएगा। भगवान महाकाल के लिए कई स्थानों से राखी पहुंचती है।
श्रावण की अंतिम सवारी में सीए डॉ. यादव शामिल होगें
भगवान महाकाल की श्रावण महिने की अंतिम व क्रम अनुसार पांचवी सवारी 19 अगस्त सोमवार को निकलेगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भगवान महाकाल का पूजन कर सवारी में शामिल होंगे। चांदी की पालकी में चंद्रमौलेश्वर, हाथी पर मनमहेश, गरुड़ रथ पर शिवतांडव तथा नंदी पर उमा महेश और डोल रथ पर होल्कर स्टेट का मुखारविंद शामिल होगा। पांचवी सवारी के साथ सीआरपीएफ के जवान बैंड की धुन पर भक्तिगीतों की प्रस्तुति देंगे। वहीं डिण्डोरी के गोण्ड जनजातीय समूह के करीब 50 से अधिक कलाकार करमा, सैला नृत्य प्रस्तुत करते हुए शामिल होंगे। सभामंडप में भगवान चंद्रमौलेश्वर का पूजन-अर्चन होने के बाद मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवान भगवान को सलामी देंगे।
इस मार्ग से निकलेगी सवारी-
सवारी कोट मोहल्ला, गुदरी चौराहा, बक्षी बाजार, कहारवाड़ी होते हुए शिप्रा तट पहुंचेगी। यहां पुजारी शिप्रा जल से भगवान का अभिषेक कर पूजा-अर्चना करेंगे। पूजन पश्चात सवारी रामानुजकोट, कार्तिक चौक, ढाबारोड, टंकी चौराहा, गोपाल मंदिर पटनी बाजार होते हुए पुनरू महाकाल मंदिर आएगी।