खरगोन। भादौ दूज पर बुधवार को शहर के जमींदार मोहल्ला क्षेत्र में स्थापित अधिष्ठाता देव भगवान श्री सिद्धनाथ का शाही डोला लाव.लश्कर के साथ नगर भ्रमण पर निकला। पहली बार शिवडोले में इदोर का पुलिस बैंड भी शामिल हुआ। श्री सिद्धनाथ महादेव ने लगातार 16 घंटे शहर में भ्रमण कर प्रजा के हाल जाने। भगवान श्री सिद्धनाथ जिस.जिस मार्ग से गुजरे रास्ते में उनके दर्शन के लिए श्रद्धालू लालायित दिखाई दिए। श्री सिद्धनाथ की एक झलक पाने के लिए श्रद्धालू आतुर रहे। भगवान श्री सिद्धनाथ जब प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकले तो उनके आगे. आगे झिलमिलाती झाकिंयो, स्वांग दल, लोकनृत्य दल, भजन मंडलियां, अखाड़ा के कलाकार उनकी अगुवानी करते हुए चल रहे थे। नगर भ्रमण का यह 56 वां वर्ष है, जमींदार मोहल्ला से सुबह करीब 10.30 बजे शुरु हुआ शिवडोले को महज 5 किमी लंबे मार्ग पर भ्रमण में करीब 16 घंटे लगे। रात करीब एक बजे डोला परंपरागत मार्ग से होते हुए पुनरू मंदिर पहुंचकर विराम दिया गया।
अधिष्ठाता भगवान सिद्धनाथ महादेव शनिवार 10.30 बजे प्रजा का हाल जानने के लिए निकले। इसके पूर्व तड़के चार बजे मंदिर में भगवान का अभिषेक पूजन हुआ। सुबह 9 बजे गर्भगृह में आरती हुई। इसके बाद शृं्रगारित पालकी में भगवान सिद्धनाथ और भगवान महाबलेश्वर महादेव को विराजित किया गया। भगवान की आरती के बाद उन्हें पालकी में बैठाकर भावसार मोहल्ला स्थित धर्मशाला तक लाया गया। यहां पालकी की अगवानी रूद्राक्ष मित्र मंडल ने की। मंडल के 21 नगाड़ों, झांझ, मंजिरा, शंखनाद से पूरा क्षेत्र गंूज उठा। पुष्पवर्षा के साथ पालकी यात्रा भावसार धर्मशाला परिसर पहुंची है। यहां से भगवान को सुसजिज्जत बग्घी में विराजित किया गया। यहां महाआरती की। इसके बाद भगवान यहां से नगर भ्रमण के लिए निकलें। भगवान सिद्धनाथ और महाबलेश्वर महादेव की मुख्य झांकी शाम करीब 4 बजे बावड़ी बस स्टेंड पहुंची, जबकि शिवडोले में शामिल अखाड़ो, झांकियों आदि का कारवां 3 किमी दूर बस स्टेंड पहुंच गया था। बस स्टेंड से बावड़ी बस स्टैंड तक समूचा मार्ग शिवभक्तों से पटा नजर आया। यहां भक्तों का अद्भुत समागम देखने को मिला, चहुंओर केवल शिवभक्त और शिवडोले में शामिल झांकियां, डीजे, अखाड़े कलाकार ही दिखाई दे रहे थे।
बाजार रहा बंद, रहा शासकिय अवकाश
भगवान श्री सिद्धनाथ महादेव की अगवानी में शहर दुल्हन की तरह सजाया गया जबकि श्रद्धालु पलक-पावड़े बिछाए घर, आंगन, छत व शिवडोला मार्ग पर भगवान की एक झलक पाने के लिए लालायित होते दिखे। समूूचे शहर में बाजार बंद रहे, व्यापारियों सहित समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों ने स्टॉल लगाकर भक्तों की सेवा की। सार्वजनिक श्रावण मास समारोह समिति सिद्धनाथ महादेव मंदिर भावसार मोहल्लला खरगोन के प्रवक्ता प्रकाश भावसार ने बताया शिवडोला का यह 56वां वर्ष है। भक्त व भगवान के स्वागत में समूचा शहर शिवमय हो गया है। नगर को दुल्हन की तरह सजाया गया है। समूचा शिवडोला मार्ग भगवा पताकाओं व बैनर.पोस्टर से पटा है।
झाकियों ने मोहा मन
शिवडोला आयोजन में भारत की संस्कृति का अनूठा संगम नजर आया। आठ अलग.अलग राज्यों के कलाकारों ने नृत्यों की प्रस्तुति देकर दर्शकों को भी रोमांचित कर दिया। चल समारोह में 20 से अधिक झांकियां भी शामिल रही, जो आकर्षण का केंद्र थी। विभिन्न अखाड़ों के पहलवानों ने भी हैरतअंगेज करतब दिखाए।
हर कदम पर लगे थे सेवा स्टॉल
शिवडोले में शामिल शिवभक्तों की सेवा में कदम.कदम पर सेवा स्टाल लगे हुए थे। करीब 80 से अधिक स्थानों पर विभिन्न सामाजिक संगठनों द्वारा सेवा स्टॉल लगाकर भक्तों को स्वल्पहार और चाय.पानी का वितरण किया गया। उधर, आयोजन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की चाक चौबंद व्यवस्था रही। शिवडोला मार्ग पर चप्पे.चप्पे पर पुलिस जवान और अधिकारी तैनात नजर आए।
रहा उत्सवी माहौल
शहर में शिवडोले की शुरुआत पांच दशक पूर्व हुई थी। इसके बाद से हर साल यह आयोजन होता रहा है। निमाड़ के लिए यह आयोजन अब एक उत्सव का रूप ले चुका है। जिसका पूरे साल भक्तों को बेसब्री से इंतजार रहता है। उल्लेखनीय है कि शिवडोला आयोजन प्रदेश के तीन बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल है।