खरगोन। कार्तिक मास की द्वितीया याने भाई.बहन के स्नेह का प्रतीक और पांच दिवसीय दीपोत्सव का अंतिम दिन भैया दूज शहर सहित समूचे अंचल में हर्षाेल्लास के साथ मनाया गया। बहन ने अपने भाई के भाल पर तिलक कर उसके हाथों में कलावा बांधा। भाई की आरती कर उसे नारियल भेंट किया। भाई ने भी इसके बदले अपनी बहन को उपहार स्वरूप नकद राशि और गिफ्ट भेंट किए।
भैया दूज पर सुबह से ही भाईयों का अपनी विवाहित बहनो के घर आना-जाना शुरु हो गया था, इससे शहर सहित अंचलों में दिनभर चहल- पहल बनी हरी। भाई अपने बहनों के ससुराल में जाकर बहन के हाथों कलावा बांधा। ससुराल में बहनों ने भी अपने भाइयों के लिए विभिन्न प्रकार के पकवान परोसे है।