चित्तौड़गढ़। बोजुन्दा पॉलिटेक्निक कॉलेज के समीप स्थित श्री कालभैरव (श्री काला जी बावजी) देव स्थल पर कालभैरव जन्मोत्सव 23 नवंबर, अष्टमी के अवसर पर हवन, पूजन, अनुष्ठान, कलश शोभायात्रा, भजन संध्या व महाप्रसाद का आयोजन होगा। आयोजन में आसपास सहित सुदूरस्थ क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं विशिष्ट जन और जनप्रतिनिधि शिरकत करेंगे।
यह जानकारी देते हुए पुजारी बाबूलाल जटिया सतखंडा ने बताया कि श्री काल भैरव जन्मोत्सव, भैरव अष्टमी, के उपलक्ष में शुक्रवार 22 नवंबर को रात्रि में नौ बजे से जागरण, और रात्रि 12.15 बजे महाआरती होगी। जबकि मुख्य आयोजन शनिवार 23 नवंबर को प्रातः 9.15 बजे हवन, 11.15 बजे श्री काल भैरव जी की शोभायात्रा एवं कलश यात्रा श्री काल भैरव सर्किल विजन कॉलेज से मंदिर तक निकाली जाएगी। दोपहर 12.15 बजे सुप्रसिद्ध कलाकारों द्वारा संगीत की धुन के साथ महा आरती और उसके पश्चात महाप्रसादी का आयोजन किया जाएगा । इस दौरान दिनभर मेवाड़ के प्रसिद्ध भजन गायक शंकर लक्खा एण्ड पार्टी का भजन संध्या आयोजन रहेगा।
उल्लेखनीय है कि अति प्राचीन श्री काल भैरव ( श्री काला बावजी) मंदिर युगादि चमत्कारिक देवस्थल है। यहां प्रत्येक शनिवार को बावजी की गादी लगती है, और माह की प्रत्येक अष्टमी को श्री कालिका माता जी की महाआरती की जाती है।
इस धर्म स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का वर्ष भर आवागमन रहता है। मान्यता है कि यहां श्रद्धालुओं की हर मनोकामना पूरी होती है, और दैहिक, दैविक, भौतिक कष्टों से मुक्ति भी मिलती है। यहां आने वाले श्रद्धालुओं ने बताया कि चित्तौड़गढ़ जिले के आसपास ही नहीं, बल्कि राजस्थान सहित मुंबई, दिल्ली, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश व अन्य राज्यों से यहां श्रद्धालु आते हैं और अपनी मनोकामना की पूर्ति पर धन्य होते हैं।