नीमच। प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जो कर्मचारी लापरवाही करते हैं उन पर एक्शन लेने की बात कही थी आज देखते हैं जिला अस्पताल के लिए मुख्यमंत्री क्या एक्शन लेते हैं।
राष्ट्रीय मानव अधिकार मंच जिला अध्यक्ष भूरा कुरैशी ने आज जिला अस्पताल का दौरा किया उसमें पाया गया कि मरीज के साथ में किस तरह का व्यवहार किया जा रहा है खुद मैरिज लगी अपनी बात बता रहे हैं मरीजों की जो चादर आती है बचाने के लिए वह तक जिला अस्पताल में नहीं है मरीज अपना इलाज करवाने के लिए जिला अस्पताल आते हैं बाकी वहां पर नर्स व कर्मचारी मरीज के साथ अच्छा शुल्क नहीं करते हैं और उनको डराया जाता है कि हमारे जिला अस्पताल के अंदर ऐसा ही इलाज होता है अगर आपको इलाज करना है तो प्राइवेट हॉस्पिटल चले जाइए मैं राष्ट्रीय मानव अधिकार मंच जिला अध्यक्ष भूरा कुरेशी पाटिल साहब से भी निवेदन करना चाहूंगा कि आप जिला अस्पताल में इतने बड़े पद पर हैं उसके बावजूद भी जिला अस्पताल में कोई ध्यान नहीं दे रहा है रात में भी लोग जाते हैं तो डॉक्टर व कर्मचारी सोए मिलते हैं ऐसे में कितने लोगों की जान जा चुकी है और नीमच की जनता से मैं कहना चाहता हूं कि इस मुद्दे की आवाज़ उठाएं और गरीब की मदद की जाए अन्यथा यह डॉक्टर लोग अपने निजी अस्पताल खोल खोल कर बैठ जाते हैं और घंटा या दो घंटा जिला चिकित्सालय में अपनी सेवा देते हैं बाकी लोग अपने घर पर ही मरीज को देखते हैं ऐसे में सरकार ने जो वादे किए थे वह वादे बी बुनियाद नजर आ रहे हैं नीमच की जनता प्रदेश के मुख्यमंत्री से अपील करती है कि वह जिला अस्पताल में डॉक्टरों की व्यवस्था करें वह महिला डॉक्टरों की भी व्यवस्था नहीं है उनकी भी व्यवस्था की जाए ताकि नीमच जिले के आसपास में होने वाली घटना दुर्घटना के लिए हमें उदयपुर भागना पड़ता है और नीमच के स्टाफ को तत्काल सस्पेंड कर देना चाहिए जो कि मरीज के साथ भेदभाव किया जा रहा है। जिला प्रशासन एवं कलेक्टर साहब ईश्वर ध्यान दें ताकि गरीब लोगों को इलाज करने की सुविधा मिले।